फर्जीवाडा नंबर 1
बिलासपुर। आखिर सिम्स पुलिस चौकी को क्या हो गया है? पोस्ट मार्टम रायपुर देनेसिम्स चौकी प्रभारी पर सर्पदंश से हुई मौत के एक मामले मे पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के एवज में रिश्वत लेने का
गंभीर आरोप लगा है शिकायत कर्ता के अनुसार चौकी प्रभारी ने 12 हजार रुपए की मांग की तो शिकायत कर्ता ने उसे 12 हजार रुपय चौकी प्रभारी के कहने पर उक्त रकम को बतायें गये मोबाइल नंबर 9589232041 मे भेजे जाने की बात कही जो पिडित द्वारा दोपहर 12.37 बजे भेजा गया बाद में पीएम रिपोर्ट न बन पाने पर पुनः 20 हजार रुपए की मांग की जिससे की पिडित ने उतने पैसे नही दे सकने की बात कही तो चौकी प्रभारी डोला राम मरकाम ने कहा जब तक 20 हजार नही दोगे काम नही होगा तो पिडित ने कहा मेरे पास उतने पैसे नही हैं काम होता हैं तो ठीक हैं वर्ना पैसे वापस कर दो तो चौकी प्रभारी डोला राम मरकाम द्वारा लगभग 3 धंटे बाद मेरे मोबाइल नंबर 7223835555 पर दोपहर 3.45 बजे 12 हजार रुपए सायकल स्टेंड ठेकेदार दिनेश सिंह ठाकुर के मोबाइल नंबर 9589232041 नंबर से भेजा गया और ना जाने कितने लोगों से ऐसा ही रकम स्टेंड ठेकेदार के मोबाइल नंबर पर डलवाया गया होगा एक माह के कार्यकाल मे चौकी प्रभारी डोलाराम मरकाम ने ना जाने कितने मामले मे इस तरह का अपराधिक षड्यंत्र रचा होगा कह नही सकते इसलिए इसकी लिखित शिकायत पिडित द्वारा एस एस पी साहब से स्वयं जाकर की गई और आई जी साहब से लिखित आवेदन देकर चौकी प्रभारी के कृत्यों की जांच कर उन पर अपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर से कठोर कार्यवाही की मांग की गई।
फर्जीवाडा नंबर -2
बिलासपुर- सिम्स- वही दूसरा मामला शराब पीकर गाड़ी चलाते खुद गिरकर घायल फ़िर मृत हुए ग्रामीण का दूसरी गाड़ी से एक्सीडेंट दर्शा फर्जीवाड़ा कर केस बनाने का है, ये आरोप भी सीधा-सीधा चौकी प्रभारी के सह से उसके सहयोगी आरक्षक और सिम्स कर्मचारी तोता राम के ऊपर है।
कार्यालय जूना बिलासपुर के आर.टी.आई. कायकर्ता आकाश यादव ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से कोटा थाना प्रभारी, थाना प्रभारी सिविल लाईन, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय, रायपुर (छ.ग.), छत्तीसगढ़ उच्ब न्यायालय के चीफ जस्टिस, चीफ जस्टिस उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली और केन्द्रीय अपराध जांच ब्यूरो के समक्ष की गई शिकायत में कहा है कि गत 19 अक्टूबर .2025 को सोनू जायसवाल अपने अन्य एक साथी के साथ अपने गृह ग्राम कोदयाहत (लोरमी) जा रहा था। मृतक सोमू जायसवाल ने अत्याधिक शराब पिया था. जिसके कारण वह कोटा में सी व्ही. रमन युनिवर्सिटी के सामने अपने साथी के साथ रोड पर गिरा और, अस्पताल में उसी दिन उसकी मौत हो गई।वही उसके साथी का महाराणा प्रताप चौक के पास एक निजी हास्पिटल में ईलाज चल रहा । दूसरे दिन 20 अक्टूबर को सिम्स में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आरोप है कि घायल ने 19:अक्टूबर को ही पुलिस के समक्ष बताया था ,कि मृतक सोमू के अत्याधिक शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण वे लोग गाड़ी से खुद गिरे किसी अन्य बाहन ने उन्हें ठोकर नहीं मारा है। आरोप है कि ये सारा खेल
सिविल लाईन पुलिस सिम्स चौकी के पुलिस कर्मी जो मेमो लेकर गया था और सिम्स का कम्पाउण्डर तोताराम ने वकील से मिलकर एक्सीडेंट क्लेम लेने की साज़िश रची है जिसमे ये दर्शाया गया कि मृतक सोमू की मौत अज्ञात वाहन के ठोकर से हुई है। चुकी मृतक की उम्र काफी कम है तो मुवावजा भी तगडा मिलेगा
आरटीआई कार्यकर्ता का ये भी आरोप है कि यहां सक्रिय रहने वाले एक क्लेम अधिवक्ता से मिलकर फिफ्टी- फिफ्टी में पूरा मामला सेट किया गया है, आरोप है कि सिविल लाईन पुलिस, सिम्स चौकी पुलिस, तोताराम, पोस्ट माटंग करने वाले डॉक्टर, अधिवक्ता, गोनू जायसवाल, सोनु जायसवाल, निहोरा जायसवाल, राखी जायसवाल, अशोक जायसवाल ने झूठे क्लेम प्राप्त करने के लिए झूठा प्रकरण बनवा लालच में अपराधिक षड्यंत्र किया गया है, आरटीआई कार्यकर्ता ने इसकी तत्काल जांच करा जाकर षड्यंत्र में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर करने की मांग की है।
बताया ये है शामिल
आरटीआई कार्यकर्ता ने सिविल लाईन पुलिस,सिम्स चौकी पुलिस, सिम्स के कम्पाउंडर तोताराम, पोस्टमार्टम करने वाले सिम्स के डाक्टर, अशोक नगर के जे.एम.के कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र के संचालक सोनु जायसवाल, अशोक नगर के च्वाईस सेण्टर संचालक मोनू जायसवाल, क्लेम अधिवक्ता निहोरा राम जायसवाल, अशोक कुमार जायसवाल राखी जायसवाल के इस खेल में शामिल होने का आरोप लगाया है।


