बिलासपुर। कबाड़ियों क़े खिलाफ पुलिस किस योजनाबद्ध ढंग से अभियान चला रही हैं यह तो पता नहीं लेकिन छोटे बड़े अनेक कबड़ियों में हड़कंप मचा हुआ हैं। पुलिस अवैध कबाड़ियों क़े संचालको क़े लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। अभी ग्रामीण क्षेत्र क़े कबाड़ियों क़े ही खिलाफ कार्रवाई हो रही हैं। शहर क़े बड़े कबाड़ियों पर पुलिस ने अभी हाथ नहीं डाला हैं। शहर क़े अंदर कई बड़े कबाड़ी हैं जो रसूखदार हो गये हैं। पुलिस की कार्रवाई का उन पर कोई असर नहीं दिख रहा.. घनी आबादी वाले क्षेत्रो में इन कबाड़ियों क़े दुकानों से दिन ठोकने पीटने की तेज आवाज से आसपास क़े लोग परेशान हैं.।
खपरगंज क़े दो बड़े कबाड़ दुकान घटना क़े बाद बंद थे लेकिन ये दुकान फिर से आबाद हो गये है। पुलिस ने शहर क़े कबाड़ी दुकानों क़े खिलाफ अभी कोई अभियान शुरू नहीं किया हैं जबकि चोरी चकारी क़े सामान छोटे कबाड़ियों क़े माध्यम से बड़े पैमाने पर बड़े दुकानों में नियमित पहुँचते हैं। कबाड़ी दुकान संचालित करने वाले बहुत जल्दी सम्पन्न क्यों हो जाते हैं यह जाँच का विषय है। उदाहरण क़े लिए लोहे का पाइप बाजार में 80 रूपये किलो मिलता हैं और यही पाइप चोरी कर कबाड़ी क़े पास् बिकने जाये तो 15 से 20 रूपये किलो में ख़रीदा जाता हैं। कई कबाड़ी दुकान तो सिर्फ चोरी क़े सामान खरीदने क़े लिए खोले गये हैं।
पुलिस की कार्रवाई से भले हो कबाड़ियों में भीतर ही भीतर भले ही डर का माहौल हैं लेकिन उनके धंधे में कोई असर पड़ा हो ऐसा नहीं लगता।कई दुकानों में तो चाकू से लेकर घातक असलहा भी होने और असामाजिक तत्वों को पनाह दिए जाने और उन्हें संगठित करने की भी चर्चा होती रहती हैं लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई ऐसा मामला नहीं पकड़ा हैं। खपरगंज क़े कबाड़ी दुकानों का पुलिस कम से कम जाँच ही कर ले तो बड़ी बात होंगी।
निर्मल माणिक/ प्रधान संपादक मोबाइल:- / अशरफी लाल सोनी 9827167176
Sat Sep 5 , 2026
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