
*बिलासपुर पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तहत बिलासपुर के विभिन्न बैंकों के अधिकारी साथ आमजन को साइबर अपराधों से बचाव और उन्हें जागरूक करने हेतु चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम*
*उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह* के निर्देशन में रक्षित केंद्र बिलासपुर में स्थित चेतना हाल में बिलासपुर जिले के नागरिकों को साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित *“साइबर जागृति अभियान”* के तहत शहर के विभिन्न बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ चर्चा-परिचर्चा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों एवं बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड तथा डिजिटल माध्यम से होने वाली ठगी की घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस एवं बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आमजन तक साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाने पर विचार-विमर्श किया गया।
विभिन्न बैंकों से आए बैंक कर्मियो द्वारा बताया गया कि मल्टीपल ट्रांजेक्शन, संदिग्ध गतिविधियों और फेक KYC वाले खातों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस को सूचना दी जाती है और नए खाता धारकों को वेलकम कॉल करके साइबर अपराध के संबंध में जागरूक किया जाता है साथ ही बीच-बीच में सेवानिवृत्त और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर सुरक्षा के संबंध में बैंक बुलाकर आवश्यक जानकारी दी जाती है।
बिलासपुर पुलिस कप्तान द्वारा बैंकों से आए हुए कर्मियों को समझाया गया कि आपके ग्राहकों के खातों पर आपकी पैनी नजर होनी चाहिए और किसी व्यक्ति या फार्म का खाता खोलने से पहले कागजी दस्तावेज जांच के साथ उनका भौतिक सत्यापन भी किया जाना चाहिए क्योंकि साइबर अपराधी इन्हीं खातों का उपयोग इन अपराधों के लिए करते हैं। बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा गया कि वे बैंक में आने वाले ग्राहकों को नियमित रूप से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें तथा संदिग्ध लेनदेन अथवा साइबर ठगी की जानकारी मिलने पर पुलिस के साथ तत्काल समन्वय स्थापित कर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना प्रभारी को सूचित करें ताकि पुलिस एवं बैंकिंग संस्थानों के आपसी सहयोग से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
चर्चा के दौरान फर्जी बैंक कॉल, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट एवं मोबाइल एप्लीकेशन, APK फाइल, QR कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी, डिजिटल अरेस्ट, OTP, PIN, CVV एवं पासवर्ड से संबंधित साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आमजन OTP, PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई APK या संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल न करें।
*साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई* , ताकि समय रहते ठगी की राशि को होल्ड कराने एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई में सहायता मिल सके।
इस कार्यक्रम के साथ ही बिलासपुर पुलिस द्वारा नागरिकों को साइबर अपराध से बचाने जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से *नुक्कड़-नाटक कार्यक्रम की शुरूआत की गई है ।* ये कार्यक्रम शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों जैसे चौक-चौराहों, मॉल बाजार परिसर आदि स्थानों पर अपने अभिनय के जरिए नुक्कड़-नाटक के जरिए नागरिकों को साइबर जागरूकता का संदेश देगी।
कार्यक्रम में कहा गया कि कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुलिस, बैंकिंग संस्थानों एवं आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही साइबर अपराध मुक्त एवं सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में सभी लोगों सोशल मीडिया में बिलासपुर पुलिस द्वारा साइबर जागृति प्रश्न के उत्तर देकर अपने ईमेल पर प्रमाण पत्र प्राप्त करता गया।
इस आयोजन पर उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री रामगोपाल करियारे एवं बिलासपुर शहर के सभी बैंक कर्मी उपस्थित रहें।

