
प्रखर और हिंदूवादी विचारक काजल हिंदुस्तानी ने महिला प्रधानमंत्री और महिला गृहमंत्री की वकालत की
.बिलासपुर। अपने तीखी तीखी भाषणों से चर्चा में आई काजल हिंदुस्तानी ने आज यहां कहा कि लव जिहाद के खिलाफ लोकसभा और राज्यसभा में जितने भी महिला सांसद हैं उन्होंने आज तक सदन में एक भी बार आवाज नहीं उठाई ऐसी महिला सांसदों का बायकाट किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए देश में महिला प्रधानमंत्री और महिला गृहमंत्री हो तो बेहतर है.। उन्होंने यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आज देश में मंदिर, बेटियां और गाय तीनों सुरक्षित नहीं है। हर घर में माता-पिता चाहते हैं कि बेटी सुखी रहे लेकिन देश में जिस तरह लव जिहाद और धर्मांतरण की घटनाएं हो रही है उससे हिंदू महिलाएं सुरक्षित नहीं है। प्रेम करना गलत नहीं है लेकिन प्रेमी कैसा है इसकी जांच परख तो होनी ही चाहिए।
उन्होंने बताया कि गुजरात में वे कैलाश धाम बनाने जा रहे हैं जहां लव जिहाद के कारण पीड़ित बेटियों को पनाह दिया जाएगा। देश में ऐसा ही ट्रेनिंग सेंटर भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिला बाल विकास विभाग महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई काम नहीं कर रही है इसे बंद कर देना चाहिए।
काजल ने कहा मनु स्मृति जलाने वालों को पता ही नहीं है की मनुस्मृति में आखिर ऐसा क्या है जिसके कारण उसे जलाया जा रहा है हर सवाल राहुल गांधी का मनुस्मृति के बारे में बयानों का तो राहुल गांधी अपनी मां के धर्म पर चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सेनेटरी पैड देने मेहंदी रचाने और वृक्षारोपण कर देने भर से महिलाओं की सुरक्षा नहीं हो जाती। उन्होंने इस प्रश्न पर की केंद्र में पिछले 14 साल से भाजपा की सरकार है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार द्वारा क्या-क्या कदम उठाए गए हैं कहां की सरकार को महिलाओं की सुरक्षा से कोई लेना देना नहीं है उनको सिर्फ केवल चुनाव जीतना है उन्होंने उन्होंने कहा कि देश में लव जिहाद तेजी से हो रहा है, मंदिरों को तोड़े जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में लव जिहाद,धर्मांतरण और माओवादी का आतंक है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुरुषों से अपेक्षा करना बेकार है इसके लिए महिलाओ को ही आगे आना होगा मगर हिंदू युवतियां रील बनाने में समय बर्बाद कर रही है और तो और इन बेटियों की माएं भी रील बनाने में व्यस्त हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हर नेता फेल है ऐसा लग रहा है मानो मुगल काल चल रहा है। उन्होंने कहा कि आजकल युवतियों के माडर्न होने में कोई बुराई नहीं है लेकिन उन्हें धर्म को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए।


