
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार संत शिरोमणी श्री गुरू रविदास महाराज जी के 650वीं जयंती को भाजपा देशव्यापी समरसता दिवस के रूप में मनाएगी।
जिला भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर शहर द्वारा आयोजित भाजपा कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री गुरू रविदास महाराज जी किसी एक समाज के संत नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथ प्रदर्शक है। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को श्री गुरू पूर्णिमा पर संध्या देश के मंदिरों में समरसता दीप महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि कलश वंदन अभियान के माध्यम से उनकी जन्म स्थली सीट गोवर्धनपुर (वाराणासी) की पवित्र मिट्टी से भरे कलश हर प्रदेश जिला मंडल और गांव स्तर तक पहुॅचेगे। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर से 5 नम्बर तक देश सचखंड बल्ला (जालंधर) से जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणासी) तक श्री गुरू रविदास महाराज की समरसता यात्रा निकलेगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री कौशिक ने कहा कि गुरू रविदास जी द्वारा दिखाया गया मार्ग ही सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास के संकल्प का मूल आधार है। यह अभियान सामाजिक समरसता राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का व्यापक जन आंदोलन बनेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के उद्देश्य संत गुरू रविदास महाराज के समता सामाजिक न्याय मानवता सेवा उद्भाव और सामाजिक समरसता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुॅचाना तथा विकसित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि श्री गुरू रविदास महाराज की के जीवन उनके महान विचारों एवं सामाजिक समरसता के संदेश को स्मरण करते हुए समाज में समानता उद्भाव और भाई चारे की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने विचारों और आदर्शो के माध्यम से समाज को एकता प्रेम मानवता एवं भेदभाव से मुक्त समाज की प्रेरणा दी। उन्होंने उनके बताये हुए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक समरसता एवं सर्वजन कल्याण के संकल्प को जन-जन तक पहुॅचाने और एक समता मूलक सशक्त एवं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आव्हान किया।
प्रेसवार्ता में प्रमुख रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष बिलासपुर शहर दीपक सिंह, जिला मीडिया प्रभारी केके शर्मा, मीडिया सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय उपस्थित थे।

