बिलासपुर। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने मात्र से न्यूज चैनल 4:00 पीएम की दो पत्रकार शाहीन खान और नफीस खान के साथ जिस तरह का गैरकानूनी, गैर अधिकारी कृत्य दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया वह बताता है कि किस तरह पत्रकारिता की निष्पक्ष आवाज को दबाया जा रहा है। यह पत्रकारिता पर आपातकाल के समान प्रहार है।
प्रगतिशील पत्रकार परिषद ने एक आपात बैठक आहूत कर दिल्ली की इस घटना की और इस तरह की किसी भी घटना की घोर निंदा की है। स्वतंत्रता के पश्चात इस तरह का मौका भारतीय पत्रकारिता को यह सीखा रहा है कि देश का संविधान किस तरह खतरे में है और हमेशा उसे संविधान का सम्मान करने वाले पत्रकारों के लिए सत्ता किस तरह निष्ठुर और हिंसक हो गई है।
छत्तीसगढ़ में इस समय जिस तरह की ताकतें सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए सक्रिय हैं संगठन उनकी भी निंदा करता है और पत्रकारिता के दायरे में रहकर इस तरह की राष्ट्र विरोधी, मानवता विरोधी ताकतों का हमेशा खुलासा करने के लिए प्रयास रत रहेगा। बैठक में निर्मल माणिक , शशांक दुबे, अजीत सिंह, डीपी गोस्वामी, अनिल बघेल, अमजद रजा खान, संतोष साहू, राघवेंद्र सिँह बलौदा बाजार, अशरफी लाल सोनी,नम्रता सिंह, पवन मिरी , आदि उपस्थित थे।


