बारीडीह और सिलदहा के पटवारियों को दो पटवारी हल्का नम्बर का अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी मिली है लेकिन पटवारी हट नहीं रहे तो अतिरिक्त प्रभार कहां से मिल पाएगा?
बिलासपुर ,(CGN 36) कहते है न कि पट गए पटवारी नहीं तो लाचारी । पटवारियों की इन दिनों बलिहारी है। कल हमने बताया था कि कोटा ब्लॉक के आमगोहन के पटवारी को कोटा एसडीएम ने बेलगहना तहसील कार्यालय में अटैच कर दिया है लेकिन एक सप्ताह हो गए अटैच किए गए पटवारी का बेलगहना तहसील मुख्यालय में अता पता नहीं है क्योंकि वह आमा गोहान से रिलीव ही नहीं हो रहा ।
एसडीएम के आदेश की उसे परवाह नहीं है या फिर उसने आमा गोहन नहीं छोड़ने कही न कही से “सेट” कर लिया है। यही नहीं रानी गांव के जिस पंकज तिवारी पटवारी को आमागोहन ट्रांसफर किया गया है वह भी सप्ताह भर बाद भी आमगोहन नहीं पहुंचा है यानि आमागोहन और रानी गांव दोनों जगह के पटवारी एसडीएम कोटा के आईएएस अधिकारी के आदेश को नहीं माने है। यही नहीं एस डी एम कोटा ने उसी आदेश में रानीगांव के पटवारी हल्का का अतिरिक्त प्रभार पटवारी हल्का नम्बर 6 बारीडीह के पटवारी आलोक तिवारी को तथा पटवारी हल्का नम्बर 9 जोगीपुर का अतिरिक्त प्रभार श्रीमती संगीता खांडे पटवारी हल्का नम्बर 8 सिलदहा को सौंपे जाने की बात कही है लेकिन इन दोनों पटवारियों को अतिरिक्त प्रभार अभी तक नहीं मिल सका है। सबसे बड़ी बात यह कि अभी जनगणना का काम शुरू होना है जिसमें ज्यादातर ड्यूटी पटवारियों और शिक्षकों की ही लगाई गई है और प्रगणकों की ट्रेनिंग भी चल रही है । जिसमें ड्यूटी को लेकर उहापोह को स्थिति बनी हुई है। पटवारी ,राजस्व विभाग में तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार के आंख ,नाक और कान होते है जिसका बेजा फायदा अनेक पटवारी उठाते है । रानी गांव और आमा गोहन के पटवारी भी शायद इसी श्रेणी में आते है। कोटा एसडीएम आईएएस अधिकारी है और एक आईएएस अधिकारी के आदेश की नाफरमानी करना बड़ी बात है।
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