बिलासपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के मुख्य अभियंता के के कटारे के जाति प्रमाण पत्र को उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने जांच पश्चात सही नहीं पाया है यानि श्री कटारे पिछले 20 साल से अजा के नाम पर शासन को गलत फहमी में रख आरक्षण का लाभ पदोन्नति से लेके तमाम तरह की वो सुविधाएं प्राप्त की जो आरक्षित वर्ग के अधिकारी कर्मचारी को मिलता है । सवाल यह है कि आरक्षण के नाम पर उन्होंने जो सुविधाएं प्राप्त की उसका क्या होगा ? सरकार उसके खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी?
यह उल्लेखनीय है कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में श्री कटारे का जलवा विभागीय मंत्री से भी ज्यादा है । प्रधानमंत्री सड़क योजना में मुख्य अभियंता तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के प्रमुख अभियंता की हैसियत श्री कटारे की है लेकिन उससे भी कही ज्यादा वे विभागीय मंत्री के नजदीकी होने के नाते अंतिम निर्णय उन्हीं का होता रहा है। मंत्री और सरकार को श्री कटारे ने इतना प्रभावित कर रखा है कि उनकी ही तूती बोलती है ।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में इनका मंत्री से भी ज्यादा रुतबा है । वैसे श्री कटारे के पहले उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने अमित जोगी के जाति को लेकर भी फैसला दिया था ।
महाराष्ट्र के तुमसर जिला के मूल निवासी श्री कटारे वहां के खटिक अनु सूचित जाति अंतर्गत आते है। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी में आने पर उन्होंने अपने को अजा बताकर आरक्षित वर्ग से नौकरी हासिल कर मुख्य अभियंता के पद तक पहुँचे लेकिन शिकायतों के आधार पर जांच करते हुए छानबीन समिति ने श्री कटारे के खिलाफ फैसला दिया है।
अब यह प्रदेश सरकार के ऊपर निर्भर करता है कि श्री कटारे को नौकरी से बर्खास्त करे या और कुछ कार्रवाई करे। नीचे विस्तार से देखें उच्च स्तरीय जाति छानवीन समिति की 5 पृष्ठों की रिपोर्ट







