
बिलासपुर । डॉ सी वी रमन विश्वविद्यालय कोटा से हिंदी विषय में सृजन महंत को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की उपाधि प्राप्त हुई है।इन्होंने अपना शोध कार्य “21वीं सदी के छत्तीसगढ़ी काव्य में जीवन मूल्य का विश्लेषण “विषय पर डॉ शाहिद हुसैन शोध निर्देशक के कुशल निर्देशन में पूर्ण किया है।
शोधार्थी ने अपने मौखिकी परीक्षा में छत्तीसगढ़ी की मूल्य परक विश्लेषण करते हुए छत्तीसगढ़ी को राजभाषा बनाने से लेकर उसे संविधान की 8वीं अनुसूची में दर्ज कराने की पहल भी की है,उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से और पी पी टी के द्वारा छत्तीसगढ़ी को उसका मूल्य परक अधिकार मिले यह साबित किया,जिसे वाह्य परीक्षक, एवं कुलपति तथा उपस्थित विद्वानों ने भूरि भूरि प्रशंसा की,इस शोध में छत्तीसगढ़ी काव्य के लगभग 60..65रचनाकारों की रचना को समाहित कर मूल्य की बात रखी गई है।संप्रति शोधार्थी सृजन महंत विगत 10वर्षों से सिविल सेवा परीक्षा के लिए दिल्ली,रायपुर,बिलासपुर में अरपा एजूकेशन फाउंडेशन के डायरेक्टर के रूप में शैक्षिक मार्गदर्शन देते आ रहे हैं,वे इंजीनियर होते हुये हिंदी छत्तीसगढ़ी की सेवा हेतु अपने माता पिता प्रोफेसर डॉ बेला महंत एवं डॉ फूल दास महंत को प्रेरणाश्रोत मानते हैं।
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Thu Jul 30 , 2026
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