
*शहरी भारत को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में केंद्र के बड़े कदम: पीएम आवास, जल सुरक्षा और सतत विकास पर फोकस*
केंद्र सरकार विकसित भारत 2047 के विज़न को साकार करने के लिए शहरी आवास, सतत शहरी विकास और जल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। यह जानकारी आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में विभिन्न प्रश्नों के उत्तर में दी।
राज्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U एवं PMAY-U 2.0) के अंतर्गत अब तक 127.68 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें 121.03 लाख आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा 99.07 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। इनमें से 96.73 लाख आवासों में लाभार्थी निवास कर रहे हैं। योजना के तहत केंद्र सरकार ने ₹2.12 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है, जिसमें से ₹1.81 लाख करोड़ राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थियों में 21.26 लाख अनुसूचित जाति, 5.94 लाख अनुसूचित जनजाति, 49.62 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 22.70 लाख अल्पसंख्यक समुदाय के परिवार शामिल हैं। इसके अलावा एक करोड़ से अधिक आवास महिलाओं के नाम अथवा संयुक्त स्वामित्व में स्वीकृत किए गए हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
श्री साहू ने कहा कि सतत एवं भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण हेतु मंत्रालय अमृत 2.0, पीएमएवाई-यू 2.0, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 तथा शहरी परिवहन जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्यों को सहयोग प्रदान कर रहा है। इसके अंतर्गत GIS आधारित मास्टर प्लान, टाउन प्लानिंग स्कीम, लैंड पूलिंग, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), स्थानीय क्षेत्र योजनाएं, केंद्रीय व्यावसायिक क्षेत्रों एवं ऐतिहासिक शहरों का पुनर्विकास, ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन सिस्टम तथा जल निकाय एवं भूजल प्रबंधन प्रणाली जैसे आधुनिक शहरी नियोजन उपायों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शहरी जल सुरक्षा पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि AMRUT एवं AMRUT 2.0 के अंतर्गत अब तक 4,983 जलापूर्ति परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनकी कुल लागत ₹1.62 लाख करोड़ से अधिक है। इन परियोजनाओं के माध्यम से जल शोधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, 2.34 लाख किलोमीटर से अधिक जल पाइपलाइन नेटवर्क, तथा 270 लाख जल कनेक्शन उपलब्ध कराए या पुनर्वासित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि AMRUT 2.0 के तहत 2,951 जलाशय पुनर्जीवन परियोजनाएं तथा 1,649 पार्क विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जो भूजल पुनर्भरण एवं हरित क्षेत्रों के विस्तार में सहायक होंगी। वहीं शैलो एक्विफर मैनेजमेंट (SAM) पहल को अब 75 शहरों तक विस्तारित किया गया है, जिससे शहरी भूजल संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त पुनर्चक्रित जल के उपयोग तथा सतही जल आधारित जलापूर्ति को बढ़ावा देकर शहरों की जल सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ये पहलें शहरी भारत को समावेशी, सतत, जल-सुरक्षित एवं भविष्य के लिए सक्षम बनाने के साथ-साथ विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

