
बिलासपुर।आधारशिला विद्या मंदिर, न्यू सैनिक स्कूल में देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस गरिमामय, प्रेरणादायी एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि श्री अनिल श्रीवास्तव तथा विशिष्ट अतिथि श्री चंदन समझदार रहे। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन, निदेशक, प्राचार्या, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि श्री अनिल श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसके पश्चात राष्ट्रगान ने पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। विद्यार्थियों द्वारा अनुशासित एवं आकर्षक परेड प्रस्तुत की गई तथा वंदे मातरम् और भारत माता की जय के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती जी. आर. मधुलिका ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संकल्प दिलाया। अतिथियों को विद्यार्थियों द्वारा लघु पौधे भेंट किए गए, जो हरित भविष्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर संदेश था। कार्यक्रम का संचालन आरुषि एवं आयुषी ने प्रभावी ढंग से किया।
समारोह में विद्यार्थियों ने योग की अद्भुत प्रस्तुति देते हुए विभिन्न आसनों और संतुलनपूर्ण करतबों का प्रदर्शन किया। समूह गीतों, सांस्कृतिक नृत्यों एवं प्रेरक भाषणों के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग तथा राष्ट्र के प्रति अपनी भावनाओं को भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। एनएनएस कैडेट देवांश शर्मा, सातवीं की छात्रा आकांक्षा लोनिया तथा कैडेट कबीर की प्रस्तुतियाँ विशेष रूप से सराही गईं। कक्षा 3 से 5 की छात्राओं ने “हम होंगे कामयाब” को विभिन्न भारतीय भाषाओं एवं उपभाषाओं में प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
“स्वतंत्रता सेनानी : छत्तीसगढ़ की जुबानी” विषय पर अमितेश शुक्ला के नेतृत्व में विवेक सर, मौसमी मैम एवं रोबिन सर ने विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत, प्राकृतिक संपदा तथा वीर स्वतंत्रता सेनानियों से परिचित कराया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में स्वर्ण एवं कांस्य पदक विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के ड्राइवर भैया एवं दीदी सहित सपोर्ट स्टाफ को उनके समर्पित योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
प्रेरणा का पर्याय बने श्री चंदन समझदार
समारोह का सबसे प्रेरणादायी क्षण विशिष्ट अतिथि श्री चंदन समझदार का संवाद रहा। वे दक्षिण एशियाई सितोरियो कराटे के चार बार के चैंपियन, 6th Dan ब्लैक बेल्ट धारक तथा जापान से शिहान की उपाधि प्राप्त कराटे गुरु हैं। यूरोप में उनकी असाधारण शारीरिक क्षमता के कारण उन्हें “Ethan – The World’s Strongest Person” के नाम से भी सम्मानित किया गया। हाल ही में उन्होंने थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए जन-जागरूकता एवं सहयोग जुटाने के उद्देश्य से 40 दिनों की एकल साइकिल यात्रा पूरी की।
अपने प्रेरक सत्र में उन्होंने विद्यार्थियों को कराटे की मूल तकनीकों का अनुभवात्मक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि कराटे केवल आत्मरक्षा या मुकाबले की कला नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक जीवनशैली है। उन्होंने विद्यार्थियों के समग्र विकास के पाँच महत्वपूर्ण आयाम—शक्ति (Power), तीव्रता (Fastness), अनुशासन (Discipline), संतुलन (Balance) और पूर्णता (Perfection)—पर विस्तार से चर्चा करते हुए समझाया कि यही गुण जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की नींव बनते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नियमित कराटे अभ्यास शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, एकाग्रता तथा मानसिक एवं भावनात्मक दृढ़ता को विकसित करता है। उन्होंने अपने अनेक विद्यार्थियों के उदाहरण साझा किए, जो आज विज्ञान, शिक्षा, प्रशासन और विभिन्न पेशों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
अपने जीवन संघर्ष की कहानी सुनाते हुए श्री समझदार ने बताया कि विद्यार्थी जीवन में उनकी रुचि विज्ञान और शतरंज दोनों में थी तथा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त की। आगे चलकर कराटे के प्रति उनका समर्पण उन्हें नेपाल और फिर जापान ले गया, जहाँ उन्होंने तीन वर्षों तक कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने यूरोप सहित अनेक देशों में रहकर विभिन्न संस्कृतियों से सीखने, स्वयं को निरंतर निखारने और कराटे तथा फिटनेस के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया।
विद्यार्थियों ने उनके साथ प्रत्यक्ष अभ्यास का अवसर प्राप्त किया और पूरे सत्र में उनकी सहजता, विनोदप्रियता, अद्भुत शक्ति तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण से गहराई से प्रभावित हुए। उन्होंने विद्यार्थियों से वादा किया कि वे शीघ्र ही विद्यालय में पुनः आकर एक विस्तृत कराटे एवं फिटनेस कार्यशाला आयोजित करेंगे।
मुख्य अतिथि श्री अनिल श्रीवास्तव ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि स्वतंत्रता हमें अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी बोध कराती है। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी, मेहनत एवं जिम्मेदारी को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा पौधारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से भी संभव है। उन्होंने अपनी साइकिल यात्राओं के प्रेरक अनुभव साझा किए तथा कराटे के माध्यम से आत्मरक्षा और सकारात्मक जीवनशैली का महत्व भी बताया।
विद्यालय के निदेशक श्री एस. के. जनास्वामी ने विद्यार्थियों को देशप्रेम, अनुशासन एवं उत्तरदायित्व का संदेश दिया। विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। निकिता एवं द्राक्षी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।
स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ। विद्यालय परिवार का उत्साह, उमंग और देशभक्ति का जज़्बा पूरे समारोह में देखते ही बन रहा था।

