
निचले इलाकों में घरों में घुसा बाढ़ का पानी, लोग परेशान..
शबरी पुल, बिलासपुर रोड, केरा रोड व तुस्मा रोड से उतरा पानी, आवागमन हुआ शुरु..
शिवरीनारायण। महानदी का जलस्तर कम होने पर 48 घण्टे बाद शबरी पुल से पानी निचे आया। जलस्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस ली। बाढ़ के कारण शबरी पुल पर भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया था, पानी पुल से निचे आने पर नगर पंचायत द्वारा पुल की सफाई कराई गईं। सोमवार शाम 6 बजे से शबरी पुल पर आवागमन शुरु हो सका। लगातार बारिश और गंगरेल बांध से करीब 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद महानदी ने शिवरीनारायण में विकराल रूप धारण कर लिया था। बांध के सभी 14 गेट खोले जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते बाढ़ के पानी ने पूरे शिवरीनारायण को चारों ओर से घेर लिया था।
नगर टापू में तब्दील हो गया था। शनिवार की सुबह से शाम तक महानदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा। शनिवार शाम 4 बजे पानी शबरी पुल के ऊपर आ गया। रविवार की अलसुबह शबरी पुल के ऊपर करीब 5 फीट पानी बह रहा था। शबरी पुल पर पानी आने के साथ ही जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायपुर जिले की ओर जाने वाले मार्गों पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। वहीं बिलासपुर रोड, केरा रोड व तुस्मा रोड में सड़क पर पानी भरने से आवागमन पुरी तरह बंद था। पुलिस ने बेरिकेडिंग कर शबरी पुल पर आवाजाही बंद कर दी थी।
शनिवार शाम 4 बजे से सोमवार शाम 6 बजे तक 48 घण्टे से ज्यादा तक शबरी पुल पर आवागमन पुरी तरह बंद रहा। जलस्तर बढ़ने साथ ही महानदी किनारे और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई। कई व्यापारियों ने दुकानों और गोदामों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं नदी किनारे रहने वाले परिवारों ने भी घरों का सामान समेटना शुरू कर दिया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी हुई और घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ। नगर के चारों ऒर सड़कों पर बाढ़ का पानी भर गया था। लोगों का नगर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। बाढ़ का पानी मेला ग्राउंड में भर गया था। शबरी चौक और नटराज चौक के आसपास सड़क पर पानी पहुंच गया था।
बिलासपुर मेन रोड पर खरौद मोड़ के आगे, तुस्मा रोड पर बिजली ऑफिस के पहले और केरा रोड पर ललारी पुल के पास सड़क के ऊपर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया था। इसके चलते नगर के चारों ओर प्रमुख मार्गों पर आवागमन बंद हो गया था। खेत-खलिहान भी पानी से लबालब भरे थे। बिलासपुर रोड स्थित श्री महंत लाल दास महाविद्यालय को राहत शिविर बनाया गया था। वार्ड क्रमांक 01 व 12 के कुछ प्रभावित परिवारों को वहाँ ठहराया गया। महानदी का जलस्तर कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सोमवार की सुबह पानी कम होने पर बिलासपुर रोड, केरा रोड व तुस्मा रोड में आवागमन शुरु हो गया।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड़ पर थी। एसडीओपी तोमेश वर्मा, थाना प्रभारी केपी सिंह, एएसआईं रितेश परमार, वैभव साहू, एएसआई संतोष बंजारे पुलिस टीम के साथ निगरानी कर रहे थे। सुरक्षा के दृष्टि से बोट के साथ गौतखोरो की टीम को भी तैनात रखा गया था।
बहुत धीमी गति से घटा जलस्तर, 24 घंटो में मात्र 6 फीट कम हुआ पानी..
शनिवार को जिस तेजी से महानदी का जलस्तर बढ़ा था। रविवार और सोमवार को उतनी ही धीमी गति से जलस्तर कम हुआ। शबरी पुल के ऊपर 5 फीट पानी था। रविवार को दोपहर 12 बजे से महानदी का जलस्तर कम होना शुरु हुआ। जो कि सोमवार दोपहर 3 बजे शबरी पुल से पानी निचे हुआ। इस तरह 27 घंटों में मात्र 5 से 6 फीट पानी कम हुआ। पानी शबरी पुल से निचे होने पर पुल की साफ सफाई कराकर देर शाम से पुल पर लोगों का आवागमन शुरु हुआ।
कई वार्डो में 24 घंटों से ज्यादा समय तक बिजली बंद, लोग हुए परेशान..
महानदी का जलस्तर बढ़ने पर नगर में बाढ़ के हालत बन गए। महानदी से लगे कई वार्डो के लोग प्रभावित हुए। ट्रांसफार्मर के पास व वार्डो में जलभराव की स्थिति बनने पर बिजली की सप्लाई बंद कर दी गईं। 24 घंटो से ज्यादा समय तक कई वार्डो में बिजली बंद रही। जिससे दिन में चैन व रात में लोगों की नींद हराम रही, लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


