
बिलासपुर । रंगदारी वसूली के आरोप में फंसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल आखिकार नप गए । मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने जायसवाल को तत्काल निलंबित करने का आदेश देते हुए कहा है कि विभाग में गंदगी फैलाने वाले अधिकारियों की जगह फील्ड नहीं बल्कि जांच के दायरे में है । गृह मंत्री की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग सकते में है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पा संचालक से वसूली के आरोपी एएसपी राजेंद्र जायसवाल को निलंबित करने का आदेश दिया है। एक माह पूर्व बिलासपुर में तैनाती के दौरान एएसपी राजेंद्र जायसवाल का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे लेनदेन को लेकर धमकाते नजर आ रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने साफ कह दिया कि ऐसे अधिकारी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, इन्हें तुरंत निलंबित कर जांच शुरू की जाए।
अमूमन किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ वसूली जैसी गंभीर शिकायत करने की किसी की हिम्मत नहीं होती लेकिन शहर के एक स्पा संचालक ने हिम्मत दिखाकर बिलासपुर आईजी से शिकायत की। संचालक का आरोप है कि तत्कालीन एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने उसे अपने दफ्तर बुलाया और पैसों के लेनदेन को लेकर डराया-धमकाया। इस दौरान हुई बातचीत का वीडियो और चैट सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। वर्दी की धौंस दिखाकर अवैध वसूली के इस खेल ने पुलिस की छवि पर दाग लगा दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। विजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले का संज्ञान लिया है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजेंद्र जायसवाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग में गंदगी फैलाने वाले अफसरों की जगह फील्ड पर नहीं बल्कि जांच के दायरे में है।
एक हफ्ते में मांगी गई है जांच रिपोर्ट
फिलहाल राजेंद्र जायसवाल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में पदस्थ हैं। बिलासपुर आईजी ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी बिलासपुर एसएसपी को सौंपी है। एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे वायरल वीडियो और मोबाइल चैट की बारीकी से जांच करें और 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करें। माना जा रहा है कि निलंबन का लिखित आदेश जल्द ही जारी हो जाएगा।
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Fri Jan 23 , 2026
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