
भाजपा ,कांग्रेस के नेता भी विरोध में सामने आए
बिलासपुर। यूजीसी के खिलाफ अब न्यायधानी बिलासपुर में भी विरोध का स्वर तेजी से मुखर हो रहा है। सोमवार सवर्ण समाज के विभिन्न संगठन ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
सर्व सवर्ण समाज संगठन का कहना है कि यूजीसी के द्वारा अधिसूचित नए नियम जो सामान्य वर्ग के संवैधानिक सिद्धांतों की विपरीत है और सामान्य वर्ग के छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करता है।
राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में सवर्ण समाज संगठन ने मांग की है कि यूजीसी अधिनियम 2026 को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। नियमों की संवैधानिकता वैधता और व्यावहारिक दुष्प्रभाव की उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए तथा यूजीसी अधिनियम 2012 को नियमित रखा जाए ताकि छात्रों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखा जा सके। कलेक्ट्रेट में सवर्ण समाज के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया तथा हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए यूजीसी अधिनियम का विरोध किया। सवर्ण समाज की रैली में सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए।विरोध करने वाले ने कहा कि यह कानून सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव प्रदर्शित करता है। जांच समिति का भी एक तरफा गठन किया गया है। यूजीसी के नए कानून से छात्रों में अविश्वास का माहौल बनेगा। स्कूल एवं समाज में भेदभाव होगा। इस नियम को लागू करने से शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित किया जा सकता है।
इस विषयगतियों को दूर करने के लिए बिलासपुर सवर्ण समाज एकजुट होकर पहले बंद को समर्थन दिया। और आज प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल के द्वारा कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया गया ।
सवर्ण समाज आगे भी इस काले कानून को वापस लेने के लिए हर कदम पर हर तैयारी के लिए खड़ा है और यूजीसी काला कानून वापस लेना ही होगा जब तक यह कानून वापस नहीं होगा सवर्ण समाज विरोध करते रहेंगे। आज की रैली में ब्राह्मण समाज, अग्रवाल समाज, सिंधु समाज जैन समाज, गुजराती समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज अग्रवाल समाज, मारवा मारवाड़ी समाज सोनी समाज के लोग शामिल हुए महिलाएं भी आज काफी संख्या में यूजीसी अधिनियम के विरोध में रैली में शामिल हुई । आंदोलन में प्रमुख रूप से ब्राह्मण समाज के अनिल तिवारी, ज्ञान अवस्थी ,चंद्रप्रकाश वाजपेई अखिलेश बाजपेई, अरविंद दीक्षित, महेश दुबे शिवा मिश्रा, मनोज तिवारी, दिव्य प्रकाश दुबे, गुड्डा पांडे, जितेंद्र पांडे ,रोशन सिंह, मनीष अग्रवाल, विनोद मेघानी, धनराज आहूजा, सुनील संथालिया, अंकुर अग्रवाल, जीतू शाह, विक्रम सिंह ठाकुर, जीतू ठाकुर, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं भी धरना आंदोलन में शामिल हुई जिसमें प्रमुख रूप से प्रभा वाजपेई सुमन अवस्थी सीमा मिश्रा, ऐश्वर्या, लक्ष्मी बाजपेई, अनु दुबे, मधु अवस्थी, ममता तिवारी, किरण बाजपेई नम्रता शुक्ला, संजना मिश्रा, रेणुका शुक्ला निधि अवस्थी अंशु शुक्ला, ज्योति तिवारी, आरती शुक्ला, अर्चना पांडे रीता बाजपेई ब्रह्मा शुक्ला विनोद तिवारी अर्चना पांडे जय श्री शुक्ला, पूनम शुक्ला आदि शामिल थे ।
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Tue Feb 3 , 2026
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