छत्तीसगढ़ कृषकों का स्वर्ग है, किन्तु उसे अनुकूल वर्षा, बीज, उर्वरक मिले तब, अन्यथा उसे नरक बन जाने में देर नहीं लगती। कृषि वैज्ञानिक डा. रिछारिया के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग बारह हजार प्रकार के धान की खेती हो चुकी है, धान की विविधता, विशेषता, गुणवत्ता, सुगंध और सुघरता की […]
