आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल में प्रसिद्ध शिक्षाविद् श्री लहू बोराटे का प्रेरक व्याख्यान, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों एवं सकारात्मक सोच से विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया

बिलासपुर, 27 जून 2026। आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल, बिलासपुर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं व्यक्तित्व निर्माण के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध जिला परिषद शिक्षक एवं नवाचारी शिक्षाविद् श्री लहू बोराटे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर श्री एस. के. जनस्वामी तथा प्राचार्या श्रीमती जी. आर. मधुलिका की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं परिचय के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने श्री लहू बोराटे का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया।

अपने स्वागत संबोधन के पश्चात मुख्य वक्ता श्री लहू बोराटे का परिचय देते हुए बताया गया कि वे महाराष्ट्र के एक प्रतिष्ठित जिला परिषद शिक्षक हैं, जिन्होंने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनेक अभिनव प्रयोग किए हैं। सीमित संसाधनों के बीच विद्यार्थियों में सीखने की रुचि विकसित करने, गतिविधि-आधारित शिक्षण, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक मंचों पर सराहना की जा चुकी है। वे देशभर में आयोजित शैक्षणिक संगोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं प्रेरक व्याख्यानों के माध्यम से हजारों शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को नवाचार, सकारात्मक सोच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रेरित करते रहे हैं।

अपने प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान में श्री लहू बोराटे ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील, रचनात्मक एवं आत्मनिर्भर नागरिक का निर्माण करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता के लिए बड़े सपने देखना आवश्यक है, किंतु उन सपनों को साकार करने के लिए अनुशासन, निरंतर परिश्रम, धैर्य एवं सकारात्मक सोच उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असीम संभावनाएँ निहित होती हैं। आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने, उन पर विश्वास करने तथा निरंतर प्रयास करने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका समाधान खोजने, उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने तथा प्रत्येक असफलता को सीखने का अवसर मानने की प्रेरणा दी।

श्री बोराटे ने अपने शिक्षकीय जीवन के अनेक प्रेरक अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों वाले विद्यालयों के विद्यार्थी भी उचित मार्गदर्शन, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों तथा सतत प्रयास के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ नया सीखने, प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने, समय का सदुपयोग करने, तकनीक का रचनात्मक उपयोग करने, शिक्षकों एवं अभिभावकों का सम्मान करने तथा सदैव नैतिक मूल्यों का पालन करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं होती, बल्कि निरंतर सीखने, सकारात्मक दृष्टिकोण, अनुशासन और कठिन परिश्रम का प्रतिफल होती है। उनके सरल, सहज एवं प्रेरणादायी विचारों तथा जीवन से जुड़े व्यावहारिक उदाहरणों ने विद्यार्थियों को अत्यंत प्रभावित किया। पूरा सभागार उत्साह, ऊर्जा और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि श्री लहू बोराटे जैसे प्रेरणादायी शिक्षाविद् का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।

विद्यालय के डायरेक्टर श्री एस. के. जनस्वामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक सोच, नवाचार और दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि श्री लहू बोराटे के अनुभव एवं प्रेरक विचार विद्यार्थियों को चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करते हुए अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, सतत अध्ययन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती जी. आर. मधुलिका ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक सत्र अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि श्री लहू बोराटे के प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना को और अधिक सशक्त किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करता रहेगा।

कार्यक्रम के समापन पर श्री लहू बोराटे ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय परिवार ने उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके प्रेरक विचार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, चरित्र विकास एवं जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में सदैव मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

निर्मल माणिक/ प्रधान संपादक मोबाइल:- / अशरफी लाल सोनी 9827167176

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