
हाई कोर्ट ने सरोज पांडे को आवेदन का जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया
राज्यसभा चुनाव के शपथ पत्र में यूनियन बैंक आफ इंडिया का अकाउंट छुपाने का आरोप
सरोज पांडे गवाह के रूप में प्रस्तुत होने से इनकार कर चुकी है
बिलासपुर 12 अगस्त छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की पीठ में आज लेखराम साहू के द्वारा सरोज पांडे के 2018 के राज्यसभा चुनाव निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में सरोज पांडे के द्वारा अपनी तरफ से कोई भी गवाह प्रस्तुत न करने के कथन के आधार पर इस प्रकरण में गवाही समाप्त कर दी गई थी। यह अपने आप में बहुत अभूतपूर्व है कि चुनाव याचिका में कोई प्रतिवादी अपनी तरफ से कोई गवाह प्रस्तुत न करने का निर्णय ले यहां तक की प्रतिवादी स्वयं भी गवाह के रूप में उपस्थित होने से इंकार करें।
आज लेख राम साहू की ओर से प्रस्तुत आवेदन “बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891” के तहत दायर किया गया है जिसमें किसी न्यायालय प्रकरण में बैंक को न्यायालय यह निर्देश दे सकती है कि वह किसी संबंधित पक्ष के बैंक अकाउंट या अन्य जानकारियां या तो याचिकाकर्ता को दे या न्यायालय में प्रस्तुत करें। गौरतलब है कि अपनी याचिका में लेख राम साहू ने अन्य तथ्यों के अलावा यह आरोप लगाया है कि 2018 के राज्यसभा चुनाव निर्वाचन के समय भरे गए फार्म के साथ जो शपथ पत्र सरोज पांडे ने प्रस्तुत किया था उसमें यूनियन बैंक आफ इंडिया के एक बैंक अकाउंट की जानकारी छुपा ली थी। इसे साबित करने के लिए यूनिवर्स बैग ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर को दवा के रूप में प्रस्तुत कराया गया था परंतु तीसरे पक्ष की जानकारी होने के आधार पर इस पर कोई जानकारी डिप्टी जनरल मैनेजर ने नहीं दी हालांकि आरटीआई के तहत मिले जवाब में इस अकाउंट के अस्तित्व को इनकार नहीं किया गया। आज अपने आवेदन में याचिका करता की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और सुदीप वर्मा ने कोर्ट को बताया कि चूंकि सरोज पांडे स्वयं गवाही देने से इनकार कर चुकी है इसलिए उनके प्रति परीक्षण नहीं किया जा सकता । ऐसे में इस अति महत्वपूर्ण जानकारी को हासिल करने का और कोई तरीका नहीं है बल्कि माननीय न्यायालय के निर्देश से ही यह जानकारी बैंक से प्राप्त की जा सकती है।
आवेदन के साथ इस एक्ट की कॉपी प्रस्तुत की गई है जिसकी धारा 6 न्यायालय को यह अधिकार देती है कि वह बैंक को चाही गई जानकारी प्रदान करने का निर्देश दे जिससे कि यह सबूत के रूप में प्रस्तुत हो सके। सुनवाई के दौरान सरोज पांडे के अधिवक्ता अविनाश चंद्र साहू ने आवेदन का जवाब देने के लिए समय प्रदान करने की मांग की जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और दो सप्ताह का समय जवाब दाखिल करने के लिए दियाहै। इसके बाद इस आवेदन पर सुनवाई की जाएगी।


