बिलासपुर। — शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरगिट्टी में सत्र 2026-27 के लिए शासन के निर्देश का उल्लंघन करते हुए प्राचार्य ने शाला प्रबंधन समिति का गठन कर दिया है। समिति में भाजपा नेताओं और समर्थकों का बहुतायत है जबकि शासन के निर्देश है कि शाला प्रबंधन समिति में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के पालकौ को शामिल करना है । राजनैतिक दलों से जुड़े लोगों को नहीं रखना है । उक्त शाला में लगभग एक हजार विद्यार्थी हैं लेकिन वर्तमान उपस्थिति 50 के लगभग है । प्राचार्य द्वारा अध्ययनरत छात्र छात्राओं के पलको को भी बिना सूचना दिए आनन फानन में और जल्दबाजी में शाला प्रबंधन समिति का गठन कर दिया गया। प्राचार्य को इतनी हड़बड़ी और जल्द बाजी क्यों थी ? कुछ भाजपा नेताओं को आमंत्रित कर समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का चयन अभिभावकों की सर्वसम्मति से किया गया ऐसा बताया गया है । ये सही है कि कुछ भाजपा नेताओं के पुत्र पुत्री स्कूल में अध्ययन रत है लेकिन लगभग सारे पदाधिकारी भाजपा के ही क्यों बनाए गए यह मामला आगे चलकर तुल पकड़ सकता है। प्राचार्य अजीत कुमार कुजूर द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम बलराम देवांगन द्वारा अध्यक्ष पद हेतु श्रीमती गायत्री दुबे का नाम प्रस्तावित किया गया, जिसे उपस्थित सभी अभिभावकों एवं सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन प्रदान किया।
तत्पश्चात उपाध्यक्ष पद के लिए पुष्पेंद्र साहू द्वारा धनंजय नवरंग का नाम प्रस्तावित किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इसके अतिरिक्त समिति के सदस्य के रूप में बलराम देवांगन, मनोज दुबे, पुष्पेंद्र साहू, दुर्गेश यादव, दिनेश कौशिक, कृष्णा पाण्डेय, गिरधर पाटले, योगेश गुप्ता, फागू राम , हरिशंकर, गुरुदेव प्रसाद बारले, दिलेंद्र मनहर, श्रीमती सविता श्रीवास, श्रीमती गंगाबाई, श्रीमती पंच कुमारी, अनिल कुमार सोनी, श्रीमती निशा निषाद, चंद्रशेखर, बल्लू कुमार, श्री सनत कुमार, केवट, अनिल साहू, संजू रजक, विजय गोस्वामी आदि का चयन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने विद्यालय के समग्र विकास, सुव्यवस्थित संचालन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। तत्पश्चात बैठक में उपस्थित समस्त अभिभावकों एवं समिति सदस्यों का शाला के वरिष्ठ व्याख्याता अरुण पांडे एवं संतोष तिवारी एवं शिक्षक विकास कायरवार द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं नियमित शाला उपस्थिति एवं शाला विकास में सहयोग देने के लिए आग्रह किया।







