
अन्य सभी राज्यों में एक से अधिक और आठ तक टर्मिनल बनाए जा रहे
हर मेगा टर्मिनल से भविष्य में 50 नई रेल गाड़ियां चलाई जाएंगी
रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, डोंगरगढ़, धमतरी और दंतेवाड़ा में भी पिट लाइन और यात्री गाड़ी मेंटेनेंस की सुविधा जरूरी

बिलासपुर 12 अगस्त- छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ रेलवे यूजर्स संगठन की एक संयुक्त बयान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जोनल मुख्यालय बिलासपुर को रेलवे की मेगा टर्मिनल योजना मैं शामिल करने की मांग जोर शोर से उठाई है। गौर तलब है कि रेलवे ने देश के 48 जगह पर मेगा टर्मिनल बनाने की योजना बनाई है हर मेगा टर्मिनल से 50 नई रेल गाड़ियां भविष्य में चलाई जाएगी।
छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति जिसने सतत संघर्ष कर बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का जोन मुख्यालय हासिल करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी की ओर से यह बताया गया कि जो क्राइटेरिया रेलवे ने मेगा टर्मिनल के लिए लिया है उसके तहत बिलासपुर को हर हालत में मेगा टर्मिनल योजना में शामिल करना चाहिए।
रेलवे के आधिकारिक आदेश के आधार पर जानकारी देते हुए बयान में बताया गया कि 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर या रेलवे के अति महत्वपूर्ण जंक्शन में मेगा टर्मिनल बनाए जाने को स्वीकृति दी गई है। छत्तीसगढ़ में 10 लाख से आबादी से बड़ा शहर केवल रायपुर है और उसे इस आधार पर नया रायपुर में मेगा टर्मिनल बनाने को स्वीकृति दी गई। क्योंकि रायपुर जंक्शन के पास भूमि उपलब्ध नहीं है। परंतु बिलासपुर जंक्शन जो दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय होने के साथ-साथ एक अति महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है उसे उपेक्षित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ रेलवे यूजर्स संगठन की ओर से यह भी बताया गया कि ऐतिहासिक रूप से छत्तीसगढ़ राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बिलासपुर और दुर्ग में दो जगह रेलवे के टर्मिनल बनाए गए थे जो आज भी काम कर रहे हैं। जो गाड़ियां दुर्ग से चलकर उत्तर भारत , पूर्व भारत की ओर जाती है वे बिलासपुर होकर आगे बढ़ती है वही जो गाड़ियां बिलासपुर से पश्चिम भारत दक्षिण भारत और उत्तर पश्चिम भारत की ओर जाती है वे सभी गाड़ियां रायपुर और दुर्ग होकर आगे बढ़ती है। अर्थात दोनों टर्मिनल से पूरे राज्य को सुविधा मिले ऐसा प्रयास हमेशा से रहा है। परंतु इस बार दुर्ग में भूमि की अनुपलब्धता को देखते हुए नया रायपुर का मेगा टर्मिनल तो मंजूर कर लिया गया है परंतु उत्तर छत्तीसगढ़ के मुख्य केंद्र बिलासपुर को उपेक्षित कर दिया गया है।
छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति ने कहा कि नया रायपुर से जो गाड़ियां पश्चिम भारत या दक्षिण भारत की ओर जाएंगे वह पूरे के पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ बिलासपुर और सरगुजा संभाग को टच भी नहीं करेंगे। इसके अलावा उत्तर भारत को जाने वाली ऐसी गाड़ियां जो वाया नागपुर चलेगी वह भी छत्तीसगढ़ की 60% जनसंख्या से दूर ही निकल जाएंगे। जिलों के हिसाब से देखा जाए तो छत्तीसगढ़ के 16 जिले नया रायपुर मेगा रेल टर्मिनल से दूर है।
संयुक्त बयान में यह भी जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ में केवल एक मेगा टर्मिनल स्वीकृत किया गया है जबकि अन्य सभी राज्यों में एक से कहीं अधिक यहां तक कि उत्तर प्रदेश में आठ टर्मिनल बनाए जा रहे हैं जिनमें मथुरा और आगरा अर्थात 50 किलोमीटर की दूरी में दो टर्मिनल शामिल है। बरेली जंक्शन और मथुरा दोनों ही 10 लाख की आबादी नहीं रखते परंतु इस योजना में शामिल है। इस स्थिति को देखते हुए बिलासपुर को मेगा रेल टर्मिनल योजना से बाहर रखा जाना सरासर अन्याय है जिसे दूर किया जाना चाहिए।
छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ रेलवे यूजर्स संगठन ने मेगा टर्मिनल के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे सभी जिला मुख्यालय या बड़े रेलवे स्टेशन जो राज्य की सीमा पर पढ़ते हैं वहां पिट लाइन और रेलवे यात्री गाड़ी रैक मेंटेनेंस की सुविधा दिए जाने की मांग की है। इसके तहत अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, डोंगरगढ़, धमतरी और दंतेवाड़ा जगह पर रेलवे की पिट लाइन और रैक मेंटेनेंस सुविधा बनाई जानी जरूरी है क्योंकि इन स्थलों से यात्री गाड़ियों को चलाया जाना संभव हो सकेगा।
छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ रेलवे यूजर्स संगठन ने इन मांगों के लिए भविष्य में आंदोलन शुरू किए जाने की बात भी कही है इसके तहत सबसे पहले एक बड़ा धरना बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा जिसकी तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।



