
कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध जताया और एस एस पी से भाजपा महिला नेत्रीयो के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की मांग की
एस एस पी से भाजपा महिला नेत्रियों के खिलाफ एफ आर दर्ज करने की मांग की
बिलासपुर। सोमवार कों गजब हो गया। भाजपा महिला मोर्चा की नेत्रियां कांग्रेस भवन में घुस कर नारेबाजी करती रही और वहां पर मौजूद पुलिस के अधिकारी और सिपाहियों की टीम मुकदर्शक बनी रही। मेयर पूजा विधानी भी शामिल रही। इस घटना कों लेकर कांग्रेस भाजपा के बीच रार मच गई है।
कुछ साल पूर्व कांग्रेस भवन में पुलिस घुसी थी और वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओ और महिला नेत्रियों कों दौड़ा दौड़ा कर पुलिस ने बुरी तरह पीटा था। असम के कांग्रेस सांसद पर यौन शोषण के लगे आरोप पर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस भवन के घेराव का एलान किया था जिसके चलते पुलिस द्वारा कांग्रेस भवन के थोड़ी ही दूर पर स्टापर लगा दिया था लेकिन पुलिस वालों की मौजूदगी में भाजपा की महिला नेत्रियों द्वारा स्टापर, बेरीकेट्स कों किनारे लगाकर कांग्रेस भवन में घुस गई और नारेबाजी करती रही। पुलिस उनके पीछे पीछे चलती रही कांग्रेस भवन में घुसकर काफी देर तक नारेबाजी की।
इस विरोध प्रदर्शन मेंमहापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय, चंदना गोस्वामी, बिन्दु कछवाहा, मंजुला सिंह, जयश्री चैकसे, श्रद्धा तिवारी, रीना गोस्वामी, रीता भामरा, प्रतिभा मिश्रा, कमला शुक्ला, सुमन यादव, वंदना तिवारी, सोनम साहू, मीना गोस्वामी, पूजा खत्री, कविता वर्मा, रईसा बेगम, गायत्री सोनी, रूक्मणी सोनी, रेखा सूर्यवंशी, अनीता परिहार, ललिता सूर्यवंशी, संतोषी ठाकुर, सुधा, दुर्गा साहू, रोशनी यादव, उमा मानिकपुरी, लक्ष्मी वैष्णव, पूनम श्रीवास, नंदनी साहू, अंकिता शुक्ला, रीना भट्ट, जूही वर्मा, रेखा सूर्यवंशी, लालकुंवर पटेल, गंगिया बाई साहू, अगिया तिवारी, संजीवनी ठाकुर, गंगा साहू सहित महिला मोर्चा की कार्यकर्ता शामिल थी।
इस मामले में जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने घटना की कड़ी निंदा की है और एस एस पी से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, महिला कांग्रेस इस मामले मंगलवार को एफआईआर का आवेदन देगी। शहर अध्यक्ष मिश्रा और महेन्द्र गंगोत्री ने कहा कि अगर पुलिस एफआईआर नहीं करती है तो कांग्रेस बिना सूचना भाजपा कार्यालय में घुसेगी और उनके नाम पट्टिका पर कालिख पोतेगी। इतना ही नहीं उनके मंत्री विधायक के बंगला के नाम पट्टिका पर भी कालिख पोतेगी, पूर्व मेयर रामशरण यादव ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा मेरे पचास साल के राजनीतिक जीवन में मैने ऐसा नहीं देखा कि राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय में घुस कर किसी पार्टी ने विरोध किया हो, कांग्रेस सौ साल पुरानी पार्टी किसी को विरोध में उसके घर में घुसने का अधिकार नहीं है लोकतंत्र में विरोध होताहै लेकिन ऐसे विरोध की जितनी निंदा की जाए कम है।


