बिलासपुर प्रेस क्लब में आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे,शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ,पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप उपस्थित हुए और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर विधायक अमर अग्रवाल के निष्क्रिय रहने ,ढाई साल में एक बार भी विधानसभा में बिलासपुर के हित और विकास के लिए सवाल नहीं किए जाने को लेकर अपनी बात रखी और यह भी कहा कि ढाई साल होने के बाद अब कांग्रेस बिलासपुर की जनता और बिलासपुर के विकास को लेकर आंदोलन का शंखनाद करेगी । जिसका खाका तैयार कर लिया गया है । पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने प्रेस वार्ता में क्या कहा उसकी बानगी नीचे पढ़ें:
आज मैं बिलासपुर की उस आवाज़ को उठाने आया हूं, जिसे हमारे वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने विधानसभा में पूरी तरह खामोश कर दिया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इस कार्यकाल में अब तक आठ बैठकें हो चुकी हैं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, लगभग हर विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं, विकास कार्यों और जनता की मांगों को लेकर सदन में सरकार से सवाल पूछ रहा है
आज मैं विधायक अमर अग्रवाल से सीधा सवाल पूछता हूँ- क्या कारण है कि आप सरकार से सवाल पूछने से डर रहे हैं? क्या मंत्री बनने की उम्मीद में आपने बिलासपुर की जनता के सवालों पर चुप्पी साध ली है?
असल बात यह है कि विधायक जी जनता की आवाज़ उठाने के लिए नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं। वे केवल फिर से मंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। और अपने इसी मंत्री पद के सपने को पूरा करने के चक्कर में, वे मुख्यमंत्री और सरकार के सामने बिलासपुर की जनता की जायज आवाज़ को दबा रहे हैं, घुटने टेक रहे हैं। वे सरकार से डर रहे हैं कि कहीं सवाल पूछने से उनका मंत्री पद न कट जाए। विधायक का काम सरकार की हां में हां मिलाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखना होता है।
आप खुद देखिए, हमारे पड़ोस के जितने भी विधायक हैं, चाहे वो सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के-बिल्हा से धरमलाल कौशिक को देख लीजिए, बेलतरा से सुशांत शुक्ला को देख लीजिए, तखतपुर से धर्मजीत सिंह हों या कुरुद से अजय चंद्राकर – ये सभी विधायक लगातार अपने क्षेत्र की बिजली, सड़क, पानी, विकास योजनाओं और जनता की मांग को लेकर सदन में गूंज रहे हैं, सरकार को घेर रहे हैं लेकिन मैं बिलासपुर की जनता से पूछना चाहता हूं-क्या किसी ने विधानसभा में बिलासपुर की आवाज सुनी?दुर्भाग्य की बात है कि आठ-आठ सत्र बीत गए, लेकिन बिलासपुर के विधायक अमर अग्रवाल सरकार से एक भी सवाल नहीं पूछ पाए। एक भी ऐसा मुद्दा नहीं उठा पाए, जो इस शहर की जनता की पीड़ा को या मांग को सामने रखता हो।
आज बिलासपुर जलभराव से परेशान है, अपराध बढ़ रहे हैं, ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है, सड़कें में हैं, युवाओं के सामने रोजगार का संकट है। स्वामी आत्मानंद स्कूल बंद हो रही है, कोनी का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल ठेके पर दिए जा रहे हैं, अपोलो में गरीबों का इलाज नहीं हो रहा है, स्वास्थय विभाग लचर है, शहर में पानी की सप्लाई भी अपूर्ण है, लोग ठंडी में भी पियासे रहे हैं, 3C, 4C, हवाई सेवा वर्षों पुरानी मांग रही है, जो कभी भी उन्होंने नहीं उठाई, इतने सारे मुद्दे होने के बावजूद विधानसभा में बिलासपुर की आवाज आखिर क्यों नहीं उठ रही।
बिलासपुर से विधायक अमर अग्रवाल बिलासपुर की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इन 8 बैठकों में विधायक ने सरकार से एक भी सवाल नहीं पूछा। बिलासपुर की जनता की एक भी समस्या को सदन के पटल पर नहीं रखा। बिलासपुर के विधायक तो विधानसभा से भी गायब हो चुके है। पहले नगर से गायब रहते ही थे, अब बिलासपुर का प्रतिनिधित्व छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पंचायत यानी विधानसभा से गायब है इसका प्रमाण विधानसभा में विधायकों द्वारा लोकहित में पूछे गए सवालों की सूची से मिलता है। बीते अढ़ाई साल में बिलासपुर विधायक ने एक भी सवाल नहीं पूछा इसका कारण क्या है इसे बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को बताने की हिम्मत विधायक अमर अग्रवाल करेंगे?बीते 17 जुलाई को बिलासपुर में 16 घंटे की लगातार बारिश और उसके बाद शहर की जो स्थिति रही उसे देखने ,प्रभावित परिवारों से मिलने तथा उन्हें राहत पहुँचाने विधायक जनता के बीच पहुंचे क्या?उन्होंने एक लाइन में कह दिया विधानसभा में व्यस्त हूं प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति है और स्थिति पर पूरी नजर है लेकिन विधायक महोदय 17 जुलाई के बाद भी नहीं पहुंचे और तो और उनकी मेयर तथा भाजपा के पार्षद तक प्रभावित क्षेत्रों में नजर नहीं आए।
“मैं अमर अग्रवाल जी को याद दिलाना चाहता हूँ- जब मैं बिलासपुर का विधायक था, प्रदेश में हमारी अपनी (कांग्रेस की) सरकार थी। अपनी सरकार होने के बावजूद मैंने जनता के मुद्दों से कभी समझौता नहीं किया। मैंने बिलासपुर के हक के लिए अपनी ही सरकार से 392 सवाल पूछे थे! 392 बार बिलासपुर की आवाज़ को विधानसभा में बुलंद किया था। मैंने कभी यह नहीं सोचा कि सवाल पूछने से कोई नाराज़ होगा। मेरा धर्म जनता की आवाज उठाना था और मैंने वही किया।
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि बिलासपुर किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की कीमत नहीं चुकाएगा। बिलासपुर की जागरूक जनता विधायक जी की इस कायरता और निष्क्रियता को देख रही है, है? और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी। यह शहर जवाब मांग रहा है और जनता जानना चाहती है कि उसका विधायक आखिर सदन में मौन क्यों रहते है? जनहित के मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे। कांग्रेस पार्टी बिलासपुर की जनता की आवाज को दबने नहीं देगी। हम सड़क से लेकर विधानसभा तक हर स्तर पर हर मोर्चे पर जनता के साथ खड़े रहेंगे।


