घुटकू रेलवे स्टेशन के पास पिछले 5 साल से निजी मकान मे चल रहा स्कूल, आख़िरी मे ताला लगा ही गया, तो स्कूल के बच्चे को मजबूरी मे पेड़ के नीचे पढ़ाई करने विवश हुए

बिलासपुर।शिक्षा को लेकर अधिकारी नेता मंत्री सब बड़ी बड़ी बातें और दावे करते है मगर घुटकू रेलवे स्टेशन के पास पिछले 5 साल से निजी मकान मे चल रहा स्कूल, आख़िरी मे ताला लगा ही गया, तो स्कूल के बच्चे को मजबूरी मे पेड़ के नीचे पढ़ाई करने के लिए मजबूर हुए, बारिश होते ही स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है शर्म आनी चाहिए शिक्षा विभाग को जो बोलता है सब ठीक चल रहा है…
: खुली क्लास पहली और दूसरी में जीरो एडमिशन, पांच कक्षाओं में 10 बच्चों ने लिया है प्रवेश, सड़क पर चटाई बिछाकर पढ़ाई करने मजबूर
5 साल निजी मकान में चला स्कूल, ताला लगा तो पेड़ तले पढ़ाई
बिलासपुर तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम
क्षेत्र के ग्राम घुटकू के स्टेशनपारा से  स्टेशन पारा (घुटकू)
शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां का शासकीय प्राथमिक स्कूल पिछले कई दिनों से एक पीपल पेड़ के नीचे
संचालित हो रहा है। दरअसल मूल भवन जर्जर होने के बाद पिछले 5 सालों से यह स्कूल इंदिरा आवास के एक निजी मकान में चल रहा था। मकान मालिक मुकेश लोनिया ने केवल 4 महीने के लिए मकान दिया था, लेकिन 5 साल बीतने पर दूसरी जगह व्यवस्था  के तहत संकुल केंद्र घुटकू के शासकीय प्राथमिक शाला का किराया  नहीं मिलने पर बच्चे सड़क किनारे पेड़ के नीचे पढ़ाई करते है।
स्कूल बनाने के लिए दो महीने पहले 11.48 लाख रुपए मंजूर किए गये।नए भवन के लिए 23 अप्रैल 2026 को ही 11.48 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके
हैं, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। सरपंच का कहना है कि बारिश के बाद काम शुरू होगा। इस अव्यवस्था से तंग आकर पालकों ने बच्चों का दाखिला बंद कर दिया है,जिससे कक्षा पहली और दूसरी में शून्य एडमिशन है। स्कूल में अब सिर्फ 10 बच्चे बचे हैं और दो शिक्षकों में से एक 30 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
धूप-बारिश व पेड़ से कीड़े गिरने पर छुट्टी
16 जून से नया सत्र शुरू होने के साथ ही स्कूल की यह बदहाली जारी है। शिक्षिका खगेश्वरी दुबे ने बताया कि धूप तेज होने या पेड़ से कीड़े गिरने पर छुट्टी करनी पड़ती है। यहां तक कि शोक कार्यक्रम होने पर भी स्कूल बंद करना पड़ता है। शौचालय न होने के कारण छात्राओं और महिला शिक्षकों को भारी शर्मिंदगी के बीच तालाब की मेढ़ पर
खुले में जाना पड़ता है।

निर्मल माणिक/ प्रधान संपादक मोबाइल:- / अशरफी लाल सोनी 9827167176

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

1200 से अधिक कृषकों ने खेत बचाओ अभियान में शिरकत की ,कृषि विज्ञान केंद्र के अभियान में गांव गांव  से पहुंचे किसान,किया गया किसानों को जागरूक

Fri Jul 3 , 2026
बिलासपुर। कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गीत शर्मा के मार्गदर्शन में 1 जून से 30 जून तक “खेत बचाओ अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले के लगभग 36 ग्रामों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 1200 से अधिक […]

You May Like

Breaking News