दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर बने सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल को आखिर निजी हाथों को क्यों दिया जा रहा?

200 करोड़ से बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर देने का दस्तावेज कांग्रेस ने पेश किया

जनता के पैसे से बने अस्पताल का निजीकरण स्वीकार नहीं, सरकार और विधायक जवाब दे – विजय केशरवानी

बिलासपुर। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि कोनी स्थित लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बने 240 बिस्तरीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एवं 100 बिस्तरीय कैंसर केयर अस्पताल को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित करने की तैयारी जनहित के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में विजय केशरवानी ने कहा कि अस्पताल का निर्माण जनता के टैक्स के पैसे, सरकारी जमीन और सरकारी संसाधनों से हुआ है। ऐसे में इसके संचालन के लिए निजी भागीदारी की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद भी अस्पताल आज तक अपनी पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं हो पाया है, जिससे मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि पीपीपी मॉडल लागू होने के बाद अस्पताल का नियंत्रण किसके पास रहेगा, इलाज की दरें कौन तय करेगा, गरीब मरीजों के मुफ्त एवं रियायती इलाज की क्या व्यवस्था होगी तथा आम मरीजों को क्या अतिरिक्त लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीपीपी समझौते की सभी शर्तें सार्वजनिक की जानी चाहिए।

विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि सरकार अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की पर्याप्त भर्ती करने के बजाय निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए और सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए।

कांग्रेस ने मांग की कि अस्पताल को तत्काल पूर्ण क्षमता से शुरू किया जाए।

प्रेस वार्ता में सवाल उठाया गया कि जमीन सरकारी, भवन सरकारी, मशीनें सरकारी… फिर अस्पताल चलाने के लिए निजी कंपनी क्यों?. बेलतरा के छाया विधायक श्री केशरवानी ने कहा कि

 किसी भी सरकार की सबसे बड़ी

जिम्मेदारी अपने नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना होती है। जनता अपने टैक्स का पैसा इसी भरोसे के साथ सरकार को देती है कि जरूरत पड़ने पर उसे गुणवत्तापूर्ण और सुलभ इलाज मिलेगा। लेकिन जब जनता के पैसों से बने अस्पताल के संचालन के लिए भी निजी भागीदारी का सहारा लेने की तैयारी हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।उन्होंने कहा यह सवाल केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों से जुड़ा है जो वर्षों से इस अस्पताल के पूरी क्षमता से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अस्पताल का उद्घाटन हो चुका है, मुख्यमंत्री निरीक्षण भी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, नर्सिंग स्टाफ का अभाव और गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किए जाने जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पताल तैयार कर दिया गया. तो उसे पूरा करना चाहिए।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु का आरोप है कि सरकार अब अस्पताल के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल अपनाने जा रही है। यदि ऐसा होता है तो सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि इलाज की दरें कौन तय करेगा? अस्पताल का नियंत्रण सरकार के पास रहेगा या निजी कंपनी के पास? आयुष्मान योजना से बाहर

 आने वाले सामान्य मरीजों का क्या होगा? यदि किसी मरीज को इलाज में परेशानी होती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?

प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने दावा किया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के 10 जून और 23 जून 2026 के सरकारी पत्रों में अस्पताल संचालन के लिए रिवाइज्ड आर एफ पी,लायसेंस,एग्रीमेंटफेनेंशियल मॉडलिंग और टेंडर प्रोसेसिंग कमेटी जैसी प्रक्रियाओं का उल्लेख किया गया है। साथ ही केपी एमजी जैसी कंसल्टेंसी संस्था की भूमिका का भी जिक्र किया गया है। यदि यह प्रक्रिया चल रही है, तो सरकार को पूरे मामले पर पारदर्शिता के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

यह अस्पताल केवल बिलासपुर शहर के लिए नहीं, बल्कि पूरे बिलासपुर संभाग के साथ-साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले हजारों मरीजों के लिए भी उम्मीद का केंद्र माना जा रहा है। ऐसे में इसका पूरी क्षमता से शुरू न होना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल का पूरा लाभ जनता को आखिर कब मिलेगा? जनता केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब चाहती है। क्योंकि अस्पताल सिर्फ एक इमारत नहीं होता, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगी और उम्मीदों काआधार होता है। प्रेस वार्ता में ऋषि पाण्डेय,सेलर के सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर ,शीतल मानिकपुरी आदि मौजूद थे ।

निर्मल माणिक/ प्रधान संपादक मोबाइल:- / अशरफी लाल सोनी 9827167176

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