
बिलासपुर। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो को लेकर भाजपा नेताओं ने प्रेसवार्ता कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि खिलावन पटेल ने बिलासपुर प्रेस क्लब में अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि उनके बीच हुए सामान्य आर्थिक लेनदेन को तोड़-मरोड़ कर भ्रष्टाचार का रूप देने की कोशिश की गई है, जिससे उनकी राजनीतिक छवि धूमिल हो रही है।
रेतघाट सुनवाई के दौरान वैसा कुछ नहीं जैसा बताया जा रहा
नेताओं के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकुर्दीकला में प्रस्तावित रेत घाट को लेकर जनसुनवाई आयोजित थी। इसी दौरान चंद्रप्रकाश सूर्या को किसी कार्य के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता पड़ी, जिस पर उन्होंने अपने पुराने मित्र खिलावन पटेल से सहायता मांगी।
खिलावन पटेल ने मौके पर ही अपनी जेब में मौजूद राशि—लगभग 25 हजार रुपये—बिना किसी शर्त के उन्हें दे दी। बाद में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सूर्या के कहने पर राशि गिन ली गई, ताकि लौटाते समय कोई विवाद न हो। यह पूरा लेनदेन सार्वजनिक स्थान पर, लोगों की मौजूदगी में हुआ।
प्रेसवार्ता में बताया गया कि उसी दौरान वहां मौजूद पचपेड़ी निवासी सूर्य प्रकाश सूर्यकांत ने इस लेनदेन का वीडियो बना लिया। आरोप है कि बाद में उन्होंने इस वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर प्रकाशित कर इसे रेत घाट प्रबंधन और भ्रष्टाचार से जोड़ दिया।
रेत घाट से कोई संबंध नहीं:
चंद्रप्रकाश सूर्या और खिलावन पटेल ने स्पष्ट किया कि उनका कुकुर्दीकला रेत घाट या उससे जुड़े किसी भी प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है। जनसुनवाई में उनकी उपस्थिति केवल जनप्रतिनिधि के रूप में थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अवैध लेनदेन करना होता, तो वह सार्वजनिक स्थल पर नहीं किया जाता ।इस मामले में दोनों नेताओं ने संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की जानकारी देते हुए बताया कि पहले उन्हें लीगल नोटिस भेजा गया और बाद में थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोप है कि बिना पुष्ट जानकारी के भ्रामक खबर चला कर भयादोहन का प्रयास किया गया।
राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश का आरोप
प्रेसवार्ता में नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह की साजिश रची गई है। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनकी बढ़ती सक्रियता और लोकप्रियता से कुछ लोग असहज हैं।

