
*बिलासपुर, 16 अगस्त 2026*: रिंग रोड स्थित अयोध्या नगर के श्री शक्ति भवन में आज वंदे मात
रम मित्र मंडल की 262वीं साप्ताहिक सभा आयोजित की गई।
सभा का शुभारंभ वरिष्ठ सामाजिक चिंतक *श्री ए. जे. पी. राव* के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसे सुश्री भीकाजी कामा ने तैयार किया था। इसके पश्चात उन्होंने महात्मा गांधी के समय के ध्वज के विकास पर भी प्रकाश डाला।
प्रख्यात राष्ट्रवादी कवि *श्री रामनिहोर राजपूत* ने “भारत की गौरव गाथा का अलख जगाना है, हिंदू सभी एक रहें, हमें हिंदू राष्ट्र बनाना है” का उद्घोष कर उपस्थितजनों में राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत किया।
*श्री सुनील चौहान*, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ने धर्मांतरण के विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि “स्वधर्म में निधन भी श्रेयस्कर है, परधर्म भयावह होता है।” उन्होंने देश विभाजन के समय पाकिस्तान में बसे सिंधी समाज के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संपत्ति के मोह का त्याग कर धर्म को प्राथमिकता दी और भारत आकर आज देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
संगठन के *श्री नवीन दुबे* ने 23 अगस्त को आयोजित होने वाली भाषण प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रस्तुत की और सभी सदस्यों से सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया।
वार्ड पार्षद *श्री भरत कश्यप* ने समाज को जागृत करने में वंदे मातरम मित्र मंडल के प्रयासों की सराहना की। *श्री मनहरण वर्मा* ने अयोध्या नगर को आदर्श वार्ड बनाने हेतु सामूहिक सहयोग की अपील की।
संगठन के अध्यक्ष *श्री महेंद्र जैन* ने समय की महत्ता पर बल देते हुए सभी दायित्वों को समयबद्ध पूर्ण करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय नगर में रह रहे हिंदू समाज की वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। साथ ही 23 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी से सहयोग का निवेदन किया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने स्वीकार किया।
अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि *आगामी 6 सितंबर* को संगठन द्वारा राष्ट्रवादी विचारक *सुश्री काजल हिंदुस्तानी* को विचार व्यक्त करने हेतु आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति *श्री असित पाल सिंह* ने अपना भवन “यश पैलेस” उपलब्ध कराने की सहमति दी है। अध्यक्ष ने इसके लिए श्री सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हमारी प्राथमिकता राजनीति नहीं, अपितु सनातन धर्म और संस्कृति के लिए कार्य करना है।”
मंच पर *श्री भरत कश्यप, श्री मनहरण वर्मा एवं श्री महेंद्र जैन* उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन *श्री प्रफुल्ल मिश्रा* ने किया।
सभा के अंत में *श्री बृजेश साहू, श्री सूरज सिंह ठाकुर, श्री सुभाष जैन, श्री गौरीशंकर एवं श्री पशुपतिनाथ* को संस्था की सदस्यता पहचान-पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही *श्री बृजेश साहू, श्री आनंद तंबोली, श्री कमल दुबे, श्री वीरेंद्र जैन, श्री प्रफुल्ल पांडे एवं श्री नरेंद्र यादव* को जन्मदिवस के अवसर पर स्मृति चिन्ह एवं घड़ी भेंट की गई।
कार्यक्रम का समापन *श्री राममूर्ति पांडे* द्वारा संगठन गीत एवं *श्री रामकृष्ण साहू* द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुति के साथ हुआ।

