बिलासपुर । वोट चोरी के आरोप और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर पूरे देश में एक नए तरह का सवाल उठने लगा है। सवाल पूछने का अधिकार देश के हर नागरिक को है लेकिन सवाल करने पर सवाल उठाने और आपत्ति करने का देश में एक नया ट्रेंड शुरू […]

रायपुर। क्रेडा के चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नी पर लगे 3% कमीशन  मांगने के आरोप बेबुनियाद साबित हुए हैं। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव की जांच रिपोर्ट में श्री सवन्नी को पूरी तरह निर्दोष पाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर शुरू हुई इस जांच में कोई ठोस […]

बिलासपुर । पूर्व विधान सभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक व अध्यक्ष क्रेडा भूपेन्द्र सवन्नी, डा. देवेन्द्र कौशिक रजनीश सिंह पूर्व विधायक बेलतरा अपने साथियों के साथ बाबा बैजनाथ धाम, बाबा वासुकिनाथ मंदिर और माँ काली, माँ कामाख्या देवी जी के दर्शन कर अपने गृह नगर लौट आए। […]

बिलासपुर ।दिनांक अगस्त रविवार  को सुबह 10.00 बजे डी.के.पी ग्राउंड कोटा में कोटा विधानसभा स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस समारोह मनाने हेतु विशाल आदिवासी सम्मेलन का आयोजन कोटा विधानसभा के आदिवासी समाज द्वारा किया जा रहा है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ अखिल भारतीय कमेंटी के महासचिव […]

पाकिस्तान के राष्ट्रपति की अमेरिका दौरा के बीच यह भी खबर है कि भारत के पुराने दोस्त रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि वह इसी महीने भी भारत का दौरा कर सकते हैं। हालांकि अभी उनकी यात्रा की तारीखें […]

    बिलासपुर ।  विगत15-16 जुलाई 2024 की दरम्यानी रात्रि कुछ अज्ञात लोगों द्वारा सीपत  के दामोदर ज्वेलर्स के शटर का ताला पत्थर से तोडकर एव शटर को लोहे के रॉड से अटॉसकर दूकान में प्रवेश कर सोने चांदी के जेवर व नगदी रकम जूमला किमती 34,50,000 रू की चोरी […]

बिलासपुर । पश्चिम बंगाल के 12 मजदूर जिन्हें कोंडागांव पुलिस ने बांग्लादेशी कहकर गिरफ्तार किया था और बाद में भारतीय नागरिक होने के कारण छोड़ दिया था,जी की याचिका पर हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस जारी किया है। याचिका में 12 मजदूरों के खिलाफ की गई धारा 128 […]

बिलासपुर। शासकीय माता शबरी गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के लिए बनाए गए छात्रावास (हॉस्टल) की जर्जर स्थिति, वर्षों से बंद पड़े रहने और पुनः संचालन की दिशा में प्रशासन की निष्क्रियता, लैब लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तक उपकरण तथा संसाधनों को लेकर आज एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में प्राचार्य […]

   जून 2024 में भी 200 से अधिक गुम मोबाईल रिकवर कर किये गये  थे वापस  बिलासपुर । जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रो में मोबाईल गुमने की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा गुम मोबाईल तलाश कर संबंधितो को वापस करने के निर्देश दिये […]

  *पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने ली बिलासपुर जिले की समीक्षा बैठक *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने दिया जिले की कानून व्यवस्था , अपराधों पर नियंत्रण , डिटेक्शन और विजिबल पुलिस तथा सामुदायिक पुलिसिंग के द्वारा किए जा रहे कार्यो का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया बिलासपुर । प्रदेश के […]

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बिलासपुर प्रेस क्लब पत्रकार कॉलोनी में जमीन के बंदरबांट पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, नियम विरुद्ध बेची गई जमीनों की रजिस्ट्रियां होंगी शून्य, सीमांकन का आदेश जारी बिलासपुर। लंबे समय से विवादों, शिकायतों और घोटालों के भंवर में फंसी बिलासपुर प्रेस क्लब गृह निर्माण समिति पर अब प्रशासन का चाबुक चल गया है। पत्रकारों के आशियाने के लिए आवंटित बेशकीमती जमीन पर बीते कई सालों से जिस तरह बंदरबांट का खेल खेला जा रहा था, उस पर लगाम कसने की पूरी तैयारी हो चुकी है। जिला प्रशासन ने एक सख्त और बड़ा फैसला लेते हुए प्रेस क्लब की पत्रकार कॉलोनी की जमीन के विधिवत सीमांकन और दस्तावेजों की बारीकी से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासन की जांच की आंच उन लोगों तक भी पहुंचने वाली है, जिन्होंने समिति के नियमों को धता बताकर आवंटित जमीनें दूसरों को बेच दी हैं। इस आदेश के बाद उन लोगों की रातों की नींद उड़ गई है, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इस बहुमूल्य जमीन की मलाई काटी और रियल एस्टेट का धंधा बना लिया। पुरानी कार्यकारिणी ने दबा दी थी आवाज दरअसल, यह पूरा मामला केवल जमीन नपाई का एक सामान्य प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि सालों से दबाई जा रही आम पत्रकारों की उस आवाज की जीत है, जिसे पिछली कार्यकारिणी ने पूरी तरह से अनसुना कर दिया था। सूत्रों की मानें तो पिछली समितियों के कार्यकाल में कॉलोनी के रखरखाव और जमीन आवंटन में भारी अनियमितताएं बरती गईं। आम और जरूरतमंद पत्रकार अपने हक़ के लिए दर-दर भटकते रहे, प्रेस क्लब के सदस्यों ने लगातार अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई, लेकिन अपनों को रेवड़ियां बांटने की होड़ में पुरानी कार्यकारिणी ने इन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। बायलाज का खुला उल्लंघन: आवंटित जमीनें बेचीं, अब शून्य होंगी रजिस्ट्रियां इस पूरे मामले में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा अब जाकर सामने आया है। समिति के बायलाज (नियमों) का खुला उल्लंघन करते हुए आवंटित जमीनों की धड़ल्ले से खरीद-बिक्री की गई है। समिति के सख्त प्रावधानों के अनुसार, जमीन आवंटित होने के बाद उस पर सिर्फ मकान बनाकर स्वयं निवास करने का नियम है। किसी भी स्थिति में आवंटित जमीन को किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने का अधिकार आवंटियों को नहीं है। इसके बावजूद कई लोगों ने जमीन हथिया कर उसे मुनाफे में बाहरी लोगों को बेच दिया। प्रशासन अब इस दिशा में सबसे सख्त कदम उठाने जा रहा है। जांच में जो भी ऐसे मामले सामने आएंगे, जहां पत्रकारों के लिए आरक्षित जमीन किसी और को बेची गई है, उन सभी जमीनों की दूसरी बिक्री (रजिस्ट्री) को शून्य (रद्द) घोषित करने की बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष अजीत मिश्रा की पहल पर हरकत में आया प्रशासन इस पूरे भ्रष्ट नेक्सस को तोड़ने का बीड़ा हाल ही में बिलासपुर प्रेस क्लब के मौजूदा अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने उठाया। उन्होंने इस जमीन घोटाले, अवैध बिक्री और अव्यवस्था की पुरानी फाइलें खोलीं और तथ्यों के साथ सीधे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा। अजीत मिश्रा की इसी ठोस शिकायत और लगातार बनाए गए दबाव का नतीजा है कि जिला प्रशासन को मामले की गंभीरता समझ आई और त्वरित निर्णय लेते हुए सीमांकन और अवैध रजिस्ट्रियों पर गाज गिराने का यह बड़ा आदेश जारी किया गया। इंच-इंच नपेगी जमीन, 4 सदस्यीय स्पेशल टीम गठित अतिरिक्त तहसीलदार, बिलासपुर द्वारा 24 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, मौजा बिरकोना (आशावन रोड, पत्रकार कॉलोनी) की विवादित जमीनों का अब कड़ाई से सीमांकन होगा। इन खसरा नंबरों की होगी जांच: खसरा नम्बर 1340/27 (रकबा 0.8090 हेक्टेयर) खसरा नम्बर 1340/4 (रकबा 1.2010 हेक्टेयर) खसरा नम्बर 1260/2 (रकबा 2.2370 हेक्टेयर) जमीन के इस भारी घालमेल की परतें उधेड़ने के लिए राजस्व अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है। इस टास्क फोर्स में ये अधिकारी शामिल हैं: श्री कुलदीप शर्मा – राजस्व निरीक्षक (कोनी) श्रीमती ममता तिर्की – राजस्व निरीक्षक (मोपका) श्री पराग महिलांगे – पटवारी (हल्का नं. 47, बिरकोना) श्री रूपेश गुरूदीवान – पटवारी (हल्का नं. 33, चांटीडीह) 20 मई से पहले देनी होगी रिपोर्ट, बेनकाब होंगे कई चेहरे अतिरिक्त तहसीलदार के न्यायालय ने जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मौके पर जाकर पूरी भूमि के दस्तावेजों की विधिवत जांच करें। टीम को मौका जांच प्रतिवेदन, पंचनामा, नजरी नक्शा और राजस्व अभिलेखों की सत्यप्रति के साथ 20 मई 2026 के पूर्व अनिवार्य रूप से अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी होगी