सैनिक स्कुल के छात्र जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करें, निरंतर प्रयास करें और असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ें, e

: ‘माटी का गौरव, देश की शान’ की गूँज के साथ ‘जय जवान–जय किसान’ थीम पर भव्य रहा आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल का वार्षिकोत्सव

वीर जवानों के शौर्य और अन्नदाताओं के परिश्रम को समर्पित रहा आधारशिला सैनिक स्कूल का वार्षिकोत्सव

आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल, बिलासपुर में इस वर्ष वार्षिकोत्सव का आयोजन देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत विषय ‘जय जवान–जय किसान’ पर किया गया। इस वार्षिकोत्सव का मुख्य उद्देश्य देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों तथा राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले अन्नदाताओं के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना रहा।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय सेना के शौर्य, त्याग, अनुशासन एवं समर्पण के साथ-साथ किसानों के परिश्रम, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान से परिचित कराया गया। इस अवसर पर विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, देशभक्ति गीतों, नृत्य, नाट्य मंचन एवं विषय आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जवानों और किसानों के जीवन, संघर्ष तथा योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

वार्षिकोत्सव के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर आधारित प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं। ‘भारत की आत्मा’ विषय के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता, परंपराओं एवं गौरवशाली विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की। वहीं ‘मातृभूमि के प्रति प्रेम’ विषय के माध्यम से देशप्रेम, तिरंगे के सम्मान तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को प्रदर्शित किया।

छत्तीसगढ़ की पहचान’ विषय पर राज्य की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय विरासत एवं गौरवशाली विशेषताओं को प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही ‘भारतीय सेना के तीनों अंग – हमारा गौरव’ विषय के अंतर्गत थल सेना, नौसेना एवं वायुसेना के साहस, सामर्थ्य, अनुशासन और राष्ट्र की सुरक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया गया।

वीर योद्धा’ विषय पर आधारित प्रस्तुति में भारत के महान वीर सैनिकों, शहीदों एवं राष्ट्ररक्षकों के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की गाथाओं को मंच पर जीवंत किया गया। वहीं ‘फसल उत्सव – किसानों का पर्व’ विषय के माध्यम से भारत की कृषि संस्कृति, फसल कटाई की परंपराओं तथा किसानों के जीवन में उत्सवों के महत्व को लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों द्वारा दर्शाया गया।

वार्षिकोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, श्रम के प्रति सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्रीय एकता एवं कर्तव्यनिष्ठा जैसे जीवन मूल्यों का विकास करना रहा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा और समृद्धि में जवान तथा किसान दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण थी। एक ओर जवान अपनी वीरता और बलिदान से देश की सीमाओं की रक्षा करते थे, वहीं दूसरी ओर किसान अपने परिश्रम से देशवासियों का पेट भरते थे।

विद्यालय प्रबंधन एवं समस्त शिक्षकगण इस आयोजन को भव्य, प्रेरणादायक एवं यादगार बनाने के लिए उत्साहपूर्वक तैयारियों में जुटे रहे। यह वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति उनके सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को भी अभिव्यक्त करने वाला रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट अंकुर सभरवाल रहे। वे एसएसबी (सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड) प्रशिक्षक एवं मार्गदर्शक के रूप में विगत 8 वर्षों से व्यक्तित्व मूल्यांकन, व्यक्तित्व विकास एवं विभिन्न प्रशिक्षण क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे थे। उनके अनुभव ने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच तथा सशस्त्र बलों में करियर बनाने की दिशा में प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट अंकुर सभरवाल ने अपने संदेश में कहा कि सैनिक स्कूल के कैडेट्स देश का भविष्य थे। उनमें बचपन से ही अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, साहस एवं टीम भावना विकसित करना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि एक सफल सैनिक बनने के लिए केवल शारीरिक दक्षता और शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं थी, बल्कि मजबूत मानसिकता, सकारात्मक दृष्टिकोण, निर्णय लेने की क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण भी उतना ही महत्वपूर्ण था। उन्होंने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करें, निरंतर प्रयास करें और असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल के कैडेट्स अपने अनुशासन, परिश्रम एवं नेतृत्व क्षमता से भविष्य में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर देश का गौरव बढ़ाएँगे तथा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।

मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नलअंकुर सभरवाल ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि वार्षिकोत्सव की प्रत्येक प्रस्तुति अपने आप में एक विशेष संदेश लेकर आई। ‘भारत की आत्मा’ और ‘मातृभूमि के प्रति प्रेम’ जैसी प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति की भावना को सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया। ‘छत्तीसगढ़ की पहचान’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी क्षेत्रीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति गौरव का भाव प्रदर्शित किया, वहीं ‘भारतीय सेना के तीनों अंग – हमारा गौरव’ और ‘वीर योद्धा’ की प्रस्तुतियों ने सैनिकों के साहस, अनुशासन, त्याग एवं सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान की भावना जागृत की।

उन्होंने ‘फसल उत्सव – किसानों का पर्व’ के माध्यम से भारतीय कृषि संस्कृति एवं किसानों के अथक परिश्रम को सम्मान देने तथा किसानों के योगदान को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और किसान देशवासियों का पेट भरते हैं। दोनों ही राष्ट्र की शक्ति और समृद्धि के आधार हैं।

विद्यालय के संस्थापक श्री अटल श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘माटी का गौरव, देश की शान – जय जवान, जय किसान’ केवल एक विषय नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, तो किसान अपने अथक परिश्रम से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। दोनों ही राष्ट्र की शक्ति और समृद्धि के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, देशभक्ति एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी मिट्टी, संस्कृति और देश की गौरवशाली परंपराओं पर गर्व करते हुए भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने तथा अपने कार्यों से राष्ट्र का मान बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने वार्षिकोत्सव की शानदार प्रस्तुतियों के लिए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सराहना करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दीं।

चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने अपने संदेश में कहा कि ‘जय जवान–जय किसान’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की शक्ति, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का आधार था। जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते थे, वहीं किसान अपने परिश्रम से देश का पेट भरते थे। विद्यार्थियों को इन दोनों के त्याग, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

डायरेक्टर श्री एस.के. जनास्वामी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से दक्ष बनाना ही नहीं, बल्कि उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी था। ‘जय जवान–जय किसान’ की थीम ने विद्यार्थियों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने के साथ-साथ सैनिकों और किसानों के योगदान का सम्मान करना सिखाया।

प्राचार्या श्रीमती जी.आर. मधुलिका ने कहा कि वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच रहा। इस वर्ष की थीम के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के वीर जवानों के साहस और किसानों के अथक परिश्रम से परिचित कराया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास रहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में राष्ट्र के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

इस भव्य वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर सभरवाल उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि एवं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आधारशिला विद्या मंदिर के संस्थापक एवं वर्तमान कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अटल श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि श्री प्रतीक त्रिवेदी, विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव, श्रीमती नीतू श्रीवास्तव, श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, श्री जी. ए. अश्विनी कुमार, श्री विवेक जोगलेकर, सुश्री सुभदा जोगलेकर, श्री सुहेल हक़, श्री प्रणय रॉय,सुश्री कविता जनस्वामी,डॉ. नमिता श्रीवास्तव, श्रीमती प्रगति श्रीवास्तव एवं सुश्री मिनी श्रीवास्तव की विशेष उपस्थिति रही।

इसके साथ ही बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी एवं एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुष एकल (SL4 श्रेणी) में कांस्य पदक विजेता श्री अभिजीत सखूजा की उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी खेल उपलब्धि एवं संघर्षपूर्ण सफलता ने विद्यार्थियों को दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम की प्रेरणा दी। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा एवं गौरव को और बढ़ाया।

कार्यक्रम का समापन अत्यंत गरिमामय एवं देशभक्तिपूर्ण वातावरण में छत्तीसगढ़ के राज्यगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार ने सम्मानपूर्वक सहभागिता निभाई।

Qअजय श्रीवास्तव: चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने अपने संदेश में कहा कि ‘जय जवान–जय किसान’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की शक्ति, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का आधार था। जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते थे, वहीं किसान अपने परिश्रम से देश का पेट भरते थे। विद्यार्थियों को इन दोनों के त्याग, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

डायरेक्टर श्री एस.के. जनास्वामी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से दक्ष बनाना ही नहीं, बल्कि उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी था। ‘जय जवान–जय किसान’ की थीम ने विद्यार्थियों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने के साथ-साथ सैनिकों और किसानों के योगदान का सम्मान करना सिखाया।

प्राचार्या श्रीमती जी.आर. मधुलिका ने कहा कि वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच रहा। इस वर्ष की थीम के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के वीर जवानों के साहस और किसानों के अथक परिश्रम से परिचित कराया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास रहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में राष्ट्र के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

इस भव्य वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर सभरवाल उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि एवं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आधारशिला विद्या मंदिर के संस्थापक एवं वर्तमान कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अटल श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि श्री प्रतीक त्रिवेदी, विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव, श्रीमती नीतू श्रीवास्तव, श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, श्री जी. ए. अश्विनी कुमार, श्री विवेक जोगलेकर, सुश्री सुभदा जोगलेकर, श्री सुहेल हक़, श्री प्रणय रॉय,सुश्री कविता जनस्वामी,डॉ. नमिता श्रीवास्तव, श्रीमती प्रगति श्रीवास्तव एवं सुश्री मिनी श्रीवास्तव की विशेष उपस्थिति रही।

इसके साथ ही बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी एवं एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुष एकल (SL4 श्रेणी) में कांस्य पदक विजेता श्री अभिजीत सखूजा की उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी खेल उपलब्धि एवं संघर्षपूर्ण सफलता ने विद्यार्थियों को दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम की प्रेरणा दी। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा एवं गौरव को और बढ़ाया।

कार्यक्रम का समापन अत्यंत गरिमामय एवं देशभक्तिपूर्ण वातावरण में छत्तीसगढ़ के राज्यगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार ने सम्मानपूर्वक सहभागिता निभाई।

निर्मल माणिक/ प्रधान संपादक मोबाइल:- / अशरफी लाल सोनी 9827167176

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