
*बिलासपुर।* वन्देमातरम् मित्र मण्डल की 273वीं साप्ताहिक बैठक सह वात्सल्य भोज का आयोजन रतनपुर स्थित खूंटाघाट में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बेलतरा में नई शाखा का शुभारंभ भी किया गया।
बैठक में बिलासपुर की आठों शाखाओं के साथ-साथ रायपुर एवं कोटा शाखा के कार्यकर्ता, मित्रगण एवं भगिनियों सहित लगभग 300 लोगों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से तीर्थराज प्रयाग से पधारे पं. राजाराम पाण्डेय ‘रामायणी’, समाजसेवी एवं उद्योगपति विनोद जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे, राजेन्द्र अग्रवाल, महेन्द्र जैन तथा आयोजक सी ए संजय मिश्रा मंचासीन रहे।
बैठक को आर.डी. गुप्ता, श्रीमती स्वागता दत्ता, डॉ. जेठू साहू, पार्थो मुखर्जी, निर्मल रिछारिया,(रायपुर) संजय मिश्रा राजेन्द्र अग्रवाल ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ रामनिहोर सिंह राजपूत के वीर रस से ओत-प्रोत काव्य पाठ से हुआ, जिसने खूब तालियां बटोरीं।
अपने उद्बोधन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने कहा कि आज समाज नैरेटिव का शिकार हो रहा है। युवा पीढ़ी नशे की ओर अग्रसर हो रही है और आचार, व्यवहार, शिष्टता एवं शालीनता से दूर होती जा रही है। मोबाइल, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल रहे नकारात्मक, भ्रामक एवं दुष्प्रचारित समाचारों के मकड़जाल में युवा फंस रहे हैं। कम उम्र में मादक पदार्थों का सेवन कर वे संगीन अपराधों में लिप्त हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
*”मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की शोभायात्रा नहीं, शौर्य यात्रा समय की मॉंग है”*
तीर्थराज प्रयाग से पधारे पं. राजाराम पाण्डेय ‘रामायणी’ ने अपने उद्बोधन में कहा कि त्रेतायुग में केवल एक सीता का हरण हुआ था, किंतु आज समाज में अनेक रावण हैं जो सीता रूपी हमारी संस्कृति, सनातन, हिन्दुत्व जैसी पुरातन धरोहर को तार-तार करने के लिए सुरसा के मुख की भांति अपना मुंह फैलाए हुए हैं। द्वापर युग में चीरहरण की विभीषिका केवल एक द्रौपदी ने झेली, पर आज हर दिन दुर्योधन और दुःशासन जैसे दुराचारी समाज में दिखाई दे रहे हैं। इसलिए आज समाज को शस्त्र के साथ-साथ शास्त्रों के ज्ञान की भी आवश्यकता है। हमें सीता और द्रौपदी के समान अपनी संस्कृति, संस्कार, सनातन और शास्त्रों की रक्षा करनी होगी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की केवल शोभायात्रा नहीं, बल्कि शौर्य यात्रा का प्रदर्शन समय की मांग है।
उद्योगपति एवं समाजसेवी विनोद जैन ने कहा कि महेन्द्र जैन ने अल्प समय में एक ऐसा संगठन खड़ा किया है, जो प्रशंसनीय ही नहीं, अद्भुत भी है, जो सदैव समाज के लिए तत्पर रहता है। संगठन के लिए जो भी सहयोग आवश्यक होगा, उसके लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।
अध्यक्षीय उद्बोधन में वन्देमातरम् मित्र मण्डल के प्रान्ताध्यक्ष महेन्द्र जैन ने कहा कि 273 वीं बैठक तक की यात्रा में समाज के उतार-चढ़ाव को देखते हुए, अनेक विषम परिस्थितियों के बावजूद आज 5000 केसरिया धारी मित्रों की टोली तैयार हुई है। नौवीं प्रवासी बैठक में 300 सदस्यों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि हम सनातन के लिए तन समर्पित, मन समर्पित और सर्वस्व समर्पित हैं। हमारी सबसे बड़ी पूंजी हमारा विश्वास, हमारी लगन और हमारी निष्ठा है।
पुष्कर जायसवाल के प्रयासों से बेलतरा में नई शाखा का शुभारंभ किया गया। बेलतरा से आए सात मित्रों ने वहां नई शाखा संचालित करने की शपथ ली।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों को शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
संगठन गीत रामसुशील पाण्डेय ने, शपथ नरेन्द्र यादव ने तथा राष्ट्रगीत महामंत्री जयसिंह चन्देल ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रफुल्ल मिश्रा ने किया।


