बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर के मेयर प्रत्याशी बनाए जाने पर प्रमोद नायक ने कांग्रेस के तमाम नेताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा है सभी नेताओं,संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं  के सहयोग और मेहनत की बदौलत बिलासपुर में कांग्रेस का महापौर फिर से बनेगा । प्रमोद नायक को कांग्रेस द्वारा […]

बिलासपुर । बिलासपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पूजा विधानी और कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद नायक के बीच सीधा मुकाबला होगा । कांग्रेस में अभी कुछ देर पहले ही प्रमोद नायक के नाम  सहमति बनी है । अधिकृत घोषणा होना बाकी है । जिस तरह मेयर के लिए […]

बिलासपुर । भाजपा के मेयर प्रत्याशी को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई और शुभकामनाएं देने का सिलसिला शुरू हो गया है। कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी का नाम आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया जा सका है लेकिन जिला सहकारी बैंक बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक ने चुनाव की तैयारी […]

बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी ने मेयर प्रत्याशी पूजा विधानी का नाम घोषित करने के बाद  मेयर पद के आधा दर्जन  दावेदारों को पार्षद की टिकट देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया है । रोके गए आधा दर्जन वार्डो के प्रत्याशी के नाम को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही […]

बिलासपुर । आखिरकार भाजपा ने नगर निगम बिलासपुर के मेयर पद के लिए पूर्व पार्षद,महिला मोर्चा की नेत्री और पार्षद अशोक विधानी की पत्नी पूजा विधानी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है । भाजपा को उम्मीद है कि राज्य शासन की महती योजना  ” महतारी वंदन” से लाभान्वित हो रही […]

बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर के 70 वार्डो में से 64 वार्डो के लिए भाजपा ने पार्षद प्रत्याशियों नाम अधिकृत तौर पर घोषित कर दिया है लेकिन  कई बार के पार्षद रहे जिन नेताओं ने महापौर पद के लिए दावेदारी की है उनके नाम फिलहाल न तो महापौर प्रत्याशी के पैनल […]

   बिलासपुर । इम्मा (इंडियन माईन मैनेजर्स एसोसिएशन) बिलासपुर चैप्टर और एसईसीएल के संयुक्त तत्वावधान में हरित-माइनिंग (हम) – 21 दिन अभिनव कार्यशाला का शुभारंभ दिनांक 22 जनवरी को सीएमडी एसईसीएल डॉ. प्रेम सागर मिश्रा के करकमलों से हुआ। उसके उपरांत हरित – रथ सभी वांछित संसाधनों से लैश एसईसीएल […]

 प्रत्याशी घोषणा के बाद टिकट से वंचित  कई दावेदार इधर उधर हो सकते है बिलासपुर । नगर निगम चुनाव में महापौर और पार्षद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा आज शाम तक नहीं हो पाई है ।कांग्रेस और भाजपा के तमाम दावेदार विभिन्न श्रोतों से  संभावित नामों के बारे में लगातार […]

बिलासपुर। महापौर और पार्षद प्रत्याशियों के नामान की घोषणा अभी तक नहीं हो पाई है इसी बीच भारतीय जनता पर् के मंडल अध्यक्षों द्वारा  पार्षद पद के उन दावेदारों को फोन कर नामांकन  फॉर्म जमा करने की तैयारी करने के लिए कहा जाने लगा जिनका नाम अंतिम रूप से पार्टी […]

बिलासपुर।   नगर निगम चुनाव के लिए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी 02 में आज पार्षद पद के उम्मीदवार के लिए आज 6 वार्डो में बैठक हुई । जिसमें कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद शुक्ला एवं पर्यवेक्षक पूर्व महापौर राजेश पांडे पूर्व शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर ने बंद कमरे में टिकट के दावेदारों […]

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बिलासपुर प्रेस क्लब पत्रकार कॉलोनी में जमीन के बंदरबांट पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, नियम विरुद्ध बेची गई जमीनों की रजिस्ट्रियां होंगी शून्य, सीमांकन का आदेश जारी बिलासपुर। लंबे समय से विवादों, शिकायतों और घोटालों के भंवर में फंसी बिलासपुर प्रेस क्लब गृह निर्माण समिति पर अब प्रशासन का चाबुक चल गया है। पत्रकारों के आशियाने के लिए आवंटित बेशकीमती जमीन पर बीते कई सालों से जिस तरह बंदरबांट का खेल खेला जा रहा था, उस पर लगाम कसने की पूरी तैयारी हो चुकी है। जिला प्रशासन ने एक सख्त और बड़ा फैसला लेते हुए प्रेस क्लब की पत्रकार कॉलोनी की जमीन के विधिवत सीमांकन और दस्तावेजों की बारीकी से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासन की जांच की आंच उन लोगों तक भी पहुंचने वाली है, जिन्होंने समिति के नियमों को धता बताकर आवंटित जमीनें दूसरों को बेच दी हैं। इस आदेश के बाद उन लोगों की रातों की नींद उड़ गई है, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इस बहुमूल्य जमीन की मलाई काटी और रियल एस्टेट का धंधा बना लिया। पुरानी कार्यकारिणी ने दबा दी थी आवाज दरअसल, यह पूरा मामला केवल जमीन नपाई का एक सामान्य प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि सालों से दबाई जा रही आम पत्रकारों की उस आवाज की जीत है, जिसे पिछली कार्यकारिणी ने पूरी तरह से अनसुना कर दिया था। सूत्रों की मानें तो पिछली समितियों के कार्यकाल में कॉलोनी के रखरखाव और जमीन आवंटन में भारी अनियमितताएं बरती गईं। आम और जरूरतमंद पत्रकार अपने हक़ के लिए दर-दर भटकते रहे, प्रेस क्लब के सदस्यों ने लगातार अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई, लेकिन अपनों को रेवड़ियां बांटने की होड़ में पुरानी कार्यकारिणी ने इन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। बायलाज का खुला उल्लंघन: आवंटित जमीनें बेचीं, अब शून्य होंगी रजिस्ट्रियां इस पूरे मामले में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा अब जाकर सामने आया है। समिति के बायलाज (नियमों) का खुला उल्लंघन करते हुए आवंटित जमीनों की धड़ल्ले से खरीद-बिक्री की गई है। समिति के सख्त प्रावधानों के अनुसार, जमीन आवंटित होने के बाद उस पर सिर्फ मकान बनाकर स्वयं निवास करने का नियम है। किसी भी स्थिति में आवंटित जमीन को किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने का अधिकार आवंटियों को नहीं है। इसके बावजूद कई लोगों ने जमीन हथिया कर उसे मुनाफे में बाहरी लोगों को बेच दिया। प्रशासन अब इस दिशा में सबसे सख्त कदम उठाने जा रहा है। जांच में जो भी ऐसे मामले सामने आएंगे, जहां पत्रकारों के लिए आरक्षित जमीन किसी और को बेची गई है, उन सभी जमीनों की दूसरी बिक्री (रजिस्ट्री) को शून्य (रद्द) घोषित करने की बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष अजीत मिश्रा की पहल पर हरकत में आया प्रशासन इस पूरे भ्रष्ट नेक्सस को तोड़ने का बीड़ा हाल ही में बिलासपुर प्रेस क्लब के मौजूदा अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने उठाया। उन्होंने इस जमीन घोटाले, अवैध बिक्री और अव्यवस्था की पुरानी फाइलें खोलीं और तथ्यों के साथ सीधे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा। अजीत मिश्रा की इसी ठोस शिकायत और लगातार बनाए गए दबाव का नतीजा है कि जिला प्रशासन को मामले की गंभीरता समझ आई और त्वरित निर्णय लेते हुए सीमांकन और अवैध रजिस्ट्रियों पर गाज गिराने का यह बड़ा आदेश जारी किया गया। इंच-इंच नपेगी जमीन, 4 सदस्यीय स्पेशल टीम गठित अतिरिक्त तहसीलदार, बिलासपुर द्वारा 24 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, मौजा बिरकोना (आशावन रोड, पत्रकार कॉलोनी) की विवादित जमीनों का अब कड़ाई से सीमांकन होगा। इन खसरा नंबरों की होगी जांच: खसरा नम्बर 1340/27 (रकबा 0.8090 हेक्टेयर) खसरा नम्बर 1340/4 (रकबा 1.2010 हेक्टेयर) खसरा नम्बर 1260/2 (रकबा 2.2370 हेक्टेयर) जमीन के इस भारी घालमेल की परतें उधेड़ने के लिए राजस्व अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है। इस टास्क फोर्स में ये अधिकारी शामिल हैं: श्री कुलदीप शर्मा – राजस्व निरीक्षक (कोनी) श्रीमती ममता तिर्की – राजस्व निरीक्षक (मोपका) श्री पराग महिलांगे – पटवारी (हल्का नं. 47, बिरकोना) श्री रूपेश गुरूदीवान – पटवारी (हल्का नं. 33, चांटीडीह) 20 मई से पहले देनी होगी रिपोर्ट, बेनकाब होंगे कई चेहरे अतिरिक्त तहसीलदार के न्यायालय ने जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मौके पर जाकर पूरी भूमि के दस्तावेजों की विधिवत जांच करें। टीम को मौका जांच प्रतिवेदन, पंचनामा, नजरी नक्शा और राजस्व अभिलेखों की सत्यप्रति के साथ 20 मई 2026 के पूर्व अनिवार्य रूप से अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी होगी