
क्या छत्तीसगढ़ की स्थिति पश्चिम बंगाल की तरह हो जाएगी जहां कोलकाता के अलावा कोई भी महानगर नहीं
बिलासपुर में 4 सी श्रेणी का एयरपोर्ट उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक
बिलासपुर 21 जून हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने पिछड़ेपन को उलट कर सर्वांगीण विकास के नाम पर बनाए गए छत्तीसगढ़ राज्य में 25 साल भी जाने के बाद भी बिलासपुर समेत अन्य प्रमुख शहरों के आधे अधूरे विकास पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समिति ने कहा कि यदि यही हालत रही तो 2050 तक छत्तीसगढ़ की स्थिति पश्चिम बंगाल की तरह हो जाएगी जहां कोलकाता के अलावा कोई भी शहर विकसित नहीं हो पाया और अकेला महानगर कोलकाता होने से पश्चिम बंगाल अंततः विकास की दौड़ में पिछड़ गया।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि किसी भी राज्य का सर्वांगीण विकास एक शहर या एक क्षेत्र को विकसित करने से नहीं होता बल्कि उससे वही विकास आसंतुलन पैदा होगा जिसके कारण मध्य प्रदेश से कटकर छत्तीसगढ़ राज्य को बनाने की मांग की गई। समिति ने कहा के भारत में आजादी के बाद जब राज्यों का पुनर्गठन हुआ उसे वक्त अलग-अलग राज्यों ने अलग-अलग तरीके के विकास के पैमाने अपनाये। एक तरफ महाराष्ट्र था जिसने मुंबई के अलावा पुणे औरंगाबाद नागपुर नासिक जैसे कई शहरों को विकसित किया। वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल था जिसने कोलकाता के अलावा किसी भी शहर पर ध्यान नहीं दिया और आज उसका परिणाम है कि पश्चिम बंगाल में कोलकाता महानगर के अलावा कोई भी शहर ऐसा नहीं है जिसे देश में लोग जान सके। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में जिस तरह का प्रयोग चल रहा है उससे भी यही आशंका पैदा होती है कि एक समय आएगा जब रायपुर महानगर क्षेत्र के अलावा बाकी सभी अन्य शहर विकास की दौड़ में काफी पीछे रह जाएंगे। ऐसा होना राज्य के हित में नहीं है और अंततः वही विकास असंतुलन पैदा होगा जिसके कारण मध्य प्रदेश से कटकर एक नया राज्य छत्तीसगढ़ बनाने की मांग की गई थी।।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि बिलासपुर में 4c श्रेणी का एयरपोर्ट होना एक नितांत आवश्यकता है और उसके बावजूद इसके कार्य में जिस तरह की से हीला हवाली की जा रही है वह समाज से परे है। बिलासपुर ही नहीं मुंगेली जीपीएम जांजगीर चांपा कोरबा शक्ति मनेद्रगढ़ आदि कई जिलों के लिए यह एयरपोर्ट अत्यंत आवश्यक है।हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महा धरना आज भी जारी रहा और आगमन के कम से सर्वश्री रवि बनर्जी अनिल गुलहरे परशुराम केवट शिरीष कश्यप गोपी राव देवेंद्र सिंह ठाकुर समीर अहमद बबला महेश दुबे टाटा अभय नारायण राय दीपक कश्यप अमर बजाज संदीप बाजपेई प्रकाश बहरानी मजहर खान रणजीत सिंह खनूजा संतोष पीपलवा विभूतिभूषण गौतम अखिल अली साबर अली आदि उपस्थित थे।

