
बिलासपुर। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने किसी भी भारतीय नागरिक को अपने निवास पर भी प्रतिदिन राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराने की अनुमती कुछ सेवा शर्तों के अधीन प्रदान की थी. एशिया की प्रथम तकनीकी संस्थान से गौरव मंडित आदर्श आई टी आई कोनी से के के श्रीवास्तव ने अनुमति तिथि 26 जनवरी 2002 को पहली बार राष्ट्र ध्वज तिरंगा अपने निवास पर सपरिवार फहराया. इसके पहले कोई भी व्यक्ति अपने निवास स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और जलियांवाला काण्ड दिवस को ही फहरा सकता था. अन्य दिवस पर फहराना अपराध की श्रेणी में आता था.
उन्होंने बताया जब मैंने राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराना सपरिवार प्रारंभ किया तब मेरी बड़ी बेटी स्वेता आठवीं, छोटी बेटी नीलम पांचवीं और बेटा प्रखर कच्ची पहली में पढ़ता था. 2018 में लगातार सोलह वर्ष तक निवास पर राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराने के लिए कारण मेरा नाम ” गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” में दर्ज हुआ. रायपुर प्रेस क्लब में मुझे अधिकृत संबाद दाता श्रीमती सोनाली राजेश शर्मा द्वारा प्रमाणपत्र, जर्सी और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया. बड़ी संख्या में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के संवाददाताओं ने मुझसे, मेरी पत्नी और बेटे से सवाल पूछे और विश्व कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाइयां दी. अब मेरी बड़ी बेटी डॉक्टर स्वेता मुंबई, छोटी बेटी इंजिनियर नीलम विद्युत मंडल दिल्ली में एच.आर. मैनेजर और बेटा प्रखर आई आई टी गुवाहाटी से बी. टेक करने के बाद आई ए एस को कोचिंग देता है।
2020 में O.M.G.( ओह माई गाड ) नामक राष्ट्रीय पत्रिका में विश्व कीर्तिमान स्थापित करने पर सम्मानित कर प्रमाणपत्र दिया. दोनों बेटियों की शादी कर दी बेटा भी बेंगलुरु में पढ़ाता है . अब हम पति पत्नी सुबह – शाम तिरंगे के नीचे आकर नमन करके कहते हैं जय हिंद .
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