भाजपा की तमाम तेज तर्रार नेत्रियां आज तक जो नहीं कर पाई वह गौरी गुप्ता ने कर दिखाया,आखिर किसकी शह पर वह पुलिस से उलझी और खरी खोटी सुनाई?कोई तो है जिसने गौरी के माध्यम से पार्टी और सरकार की किरकिरी करवाई

बिलासपुर । शहर में भाजपा की तेज तर्रार कई नेत्रियां है लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ उन्होंने कभी भी विवाद नहीं किया गाहे बगाहे अपनी पार्टी के नेताओं के साथ तेज और ऊंची आवाज में जरूर बहस कर डाली है ।इन तेज तर्रार भाजपा नेत्रियों ने अभी तक जो नहीं किया वह गौरी गुप्ता ने करके दिखा दिया है। सरकार और पार्टी की किरकिरी करवाने कोई तो नेता है जिसने गौरी गुप्ता को आगे कर खेला कर दिया है ।

अब की भाजपा में काफी बदलाव आ गया है ये मोदी और शाह की भाजपा है सो पार्टी के नए नए युवा नेता अपने को सरकार से कम नहीं समझते इसका उदाहरण रविवार को सर्किट हाउस में देखने को मिल गया ।. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बिलासपुर दौरे के दौरान रविवार देर रात अंदर प्रवेश देने से पुलिस द्वारा रोके जाने पर नई नई भाजपा नेत्री गौरी गुप्ता ने पुलिस वालों की ही क्लास ले डाली । चीखती चिल्लाती इस नेत्री ने आसमान सिर पर उठा लिया और उसने यहां तक कह डाली कि उसे तो एस पी भी नहीं रोक सकते । उसने एक महत्वपूर्ण लाइन चिल्लाते हुए कही जिससे लगा कि वह क्रिकेट आयोजन कराने वाले नेता की समर्थक तो है ही नहीं । पुराने भाजपाई पार्टी की शाख का बराबर ध्यान रखते रहे है लेकिन अभी बदली परिस्थिति में पार्टी के सिद्धांत और युवा कार्यकर्ताओं की सोच बदल चुकी है। पार्टी संगठन तक की सोच बदल चुकी है । रेत ,गिट्टी का धंधा करने वाले,बिल्डर ,कालोनाइजर और अपराधी प्रवृत्ति के लोग अब पार्टी में पदाधिकारी बन रहे है ।खैर रविवार को मुख्यमंत्री के सर्किट हाउस में पहुंचते ही जैसे कि होता आया है बहुत सारे नेता कार्यकर्ता पीछे पीछे आकर सीधे अंदर घुसना चाहते है लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के अधिकारी चंद उन लोगों को जिसे वे जानते है ,अंदर जाने देते है । रविवार को अपने आपको भाजयुमो की प्रदेश पदाधिकारी बताने वाली गौरी गुप्ता की इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस और झड़प हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम को लेकर सर्किट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी। प्रोटोकॉल के तहत केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। इसी दौरान भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष बताई जा रहीं गौरी गुप्ता वहां पहुंचींa और अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। प्रवेश रोके जाने को लेकर मौके पर बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। वायरल वीडियो में गौरी गुप्ता पुलिसकर्मियों से उलझती नजर आ रही हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “तुम लोग प्रोटोकॉल नहीं जानते क्या? एसपी भी नहीं रोकते… एसपी से बात कराओ।” सी एम हमारे भी है। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें लगातार समझाते रहे और उच्च अधिकारियों के निर्देशों तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए अंदर जाने की अनुमति नहीं होने की बात कहते रहे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तनातनी बनी रही, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पूरी घटना वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक भाजपा नेता बहस सुनकर और विवाद समाप्त करने उसे अंदर ले जाने में सफल रहा ।

 वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अभी तक कोई भी भाजपा नेत्री पुलिस से नहीं उलझी है। गौरी गुप्ता ऐसा करके क्या बताना चाहती है वही जाने लेकिन रविवार की घटना को लेकर यही कहा जा रहा कि गौरी अपने आपको शायद पार्टी में अच्छे ढंग से स्थापित करना और खबरों में बने रहना चाहती है । उसके विरोध का स्वर और अंदाज दोनों मुख्यमंत्री तक पहुंच गई थी। बड़ा प्रश्न यह है कि इस युवा नेत्री को आखिर  किसका संरक्षण प्राप्त है? कोई कार्यकर्ता ऐसे ही पदाधिकारी नहीं बन जाता ।किसी न किसी बड़े नेता के सिफारिश पर ही पदाधिकारी का पद मिल पाता है । पदाधिकारी ही क्यों,विधायक , सांसद की टिकट पाने और मंत्री या कोई और पद पाने बड़ी लाबिंग होती है । पैसों का खेल तक होता है इसलिए गौरी गुप्ता के हिम्मत वाली जबरिया सक्रियता के राज का आज नहीं कल खुलासा जरूर होगा ।

 

निर्मल माणिक/ प्रधान संपादक मोबाइल:- / अशरफी लाल सोनी 9827167176

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