
रायपुर, छत्तीसगढ़ | 16 अक्टूबर।छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने लिपिकों की वार्षिक वेतनवृद्धि रोके जाने तथा वेतन से वसूली संबंधी मामलों में राहत प्रदान करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन से आवश्यक सामान्य आदेश जारी करने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन प्रेषित कर माननीय न्यायालय के संबंधित आदेशों के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के लिपिकों के हित में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2013 से 2023 तक नियुक्त लिपिकों की कौशल परीक्षा, हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा तथा वेतनवृद्धि एवं वसूली से संबंधित समस्याओं के कारण कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने संबंधित न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि जिन विभागों में हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा आयोजित नहीं की गई है, वहां लिपिकों की वार्षिक वेतनवृद्धि नहीं रोकी जानी चाहिए।
संघ ने यह भी मांग की है कि जिन मामलों में न्यायालयीन आदेशों के अनुसार वेतन से वसूली नहीं की जानी है, उनमें वसूली की कार्रवाई समाप्त की जाए तथा संबंधित कर्मचारियों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी से राहत दी जाए।
प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने शासन से आग्रह किया है कि माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए सभी संबंधित विभागों के लिए एक स्पष्ट एवं समान सामान्य आदेश जारी किया जाए, ताकि प्रदेश के लिपिक कर्मचारियों को अनावश्यक विवादों और आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।


