
समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर लगभग डेढ़ किलोमीटर उल्टा चलकर बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार में हो रही देरी पर आक्रोश व्यक्त किया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंप कर 300 करोड रुपए आवंटन और 2 साल में समय बाद विकास की मांग
बिलासपुर 26 अक्टूबर बिलासपुर में चल रहे हवाई सुविधा विस्तार चरण आंदोलन की आठवीं वर्षगांठ पर आयोजित किए गए हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के उल्टा मार्च आंदोलन को ऐतिहासिक सफलता मिली। इस अनूठे और कठिन आंदोलन को जिसमें भरे बाजार में उल्टा चलने का अनुभव न होने के बावजूद बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए जुटे। बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई अभी तक न बढ़ाने कोई नया टर्मिनल भवन या एटीसी टावर ना होने महानगरों तक सीधी उड़ान न होने चल रही उड़ानों की अनियमित और कटौती आदि के विरोध में यह आयोजन किया गया था।

आज के आयोजन में हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के
रवि बनर्जी रामशरण यादव परशुराम केवट महेश दुबे टाटा मनोज तिवारी विजय भा देवेंद्र सिंह ठाकुर समीर अहमद बबला बद्री यादव प्रकाश बहरानी केशव गोरख राघवेंद्र सिंह ठाकुर अनिल गुलहरे रंजीत सिंह गोपी राव अकबर खान मजहर खान सीमा पांडे सीमा धृतऐश मोहन जायसवाल आशुतोष शर्मा प्रशांत सिंह प्रतीक तिवारी दीपक कश्यप ऋषि राज गौतम रमाशंकर बघेल विभूतिभूषण गौतम नवीन वर्मा ओम प्रकाश शर्मा पिंकी जी हर प्रसाद केवट राम सिंह राजपूत अखिल अली मोहसिन अली आदि सक्रिय रहे वहीं शहर के संभ्रांत नागरिकों में सर्वश्री कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव शैलेश पांडे आशीष सिंह ठाकुर विजय पांडे विजय केसरवानी विवेक बाजपेई रविंद्र सिंह ठाकुर मनीष अग्रवाल राजेंद्र साहू डब्बू राजेंद्र शुक्ला भारत कश्यप स्वप्निल शुक्ला अभय नारायण विनय सिंह विनय शुक्ला फैज़ान खान दुलारे भाई दीपक अग्रवाल सोहेल खान आशीष पाल
नीलेश मंडेवर हेमंत शुक्ला मनीष गढ़वाल सुरेश टंडन हेमेंद्र शुक्ला शेख अल्फाज जावेद मेमन गजेंद्र श्रीवास्तव शिबली मेराज खान तरुण यादव नरेंद्र बोलर प्रमोद सिंह सुहैल खलीक,राकेश मिश्रा जानू कौशिक हितेश देवांगन आशीष खत्री जावेद प्रमुख थे।
विभिन्न संगठनों की भागीदारी –
आज के उल्टा मार्च में व्यापारी साथियों में सर्व श्री उद्योग संघ से राकेश खरे होटल एसोसिएशन से सनी आजमानी बोदरी से प्रकाश जैसवानी बिल्हा से नानक रेलवानी तखतपुर से जितेंद्र पांडे रेलवे मेंस कांग्रेस से विजय अग्निहोत्री संतोष अग्रवाल कान्यकुब समाज से टिंकू दुबे आंध्र समाज से के वेणुगोपाल आशीष राजपूत खुशाल मेढ़े एवं जिला निषाद संघ आदि भी शामिल हुए।
ज्ञापन भी उल्टा दिया गया – उल्टा मार्च के अंत में कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर तहसीलदार स्वयं कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में ज्ञापन लेने के लिए खड़े थे समिति ने उनसे अनुरोध किया कि वे भी कलेक्ट्रेट की तरफ पीठ करके आ जाए और इस तरह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम जो ज्ञापन दिया गया वह भी कलेक्टर प्लेट की तरह पीट करके उल्टा दिया गया। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति द्वारा दिए गए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ज्ञापन में कहा गया है कि कि छत्तीसगढ़ राज्य का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण शहर बिलासपुर है यहां स्वयं आप कई बार प्रवास कर चुके हैं। बिलासपुर बिलासपुर संभाग का मुख्यालय है छत्तीसगढ़ राज्य की हाईकोर्ट का मुख्यालय है दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन का मुख्यालय है केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में है प्रधानमंत्री निधि से बना सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बिलासपुर में है, दक्षिण पूर्व कंपनी का मुख्यालय बिलासपुर में है जाहिर है कितने महत्वपूर्ण संस्थान बिलासपुर में होने पर बिलासपुर को हवाई सुविधा विस्तार की बड़ी दरकार है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में केवल एक ही एयरपोर्ट रायपुर 4c श्रेणी का है अर्थात जहां बोइंग और एयरबस विमान संचालित हो सकते हैं। बिलासपुर में 4c एयरपोर्ट और देश के चारों दिशाओं में महानगरों तक सीधी उड़ान की मांग के लिए विगत 7 वर्षों से जन आंदोलन हो रहा है। इस जन आंदोलन के कारण छत्तीसगढ़ की सरकार ने 3 सी श्रेणी का छोटा एयरपोर्ट यहां बनाया है जिसमें केवल एटीआर विमान संचालित होते हैं और उसमें भी सुविधा और उड़ाने अत्यंत न्यून है।
आज 26 अक्टूबर को इस आंदोलन की सातवीं वर्षगांठ है और अत्यंत दुखी हृदय से हम सब एक उल्टा मार्च कर प्रतीकात्मक विरोध दर्शा रहे हैं क्योंकि जहां देश आगे बढ़ रहा है बिलासपुर का विकास पीछे जा रहा है।
बिलासपुर एयरपोर्ट को 4c श्रेणी में अपग्रेड करने की अत्यंत आवश्यकता है जिससे कि यहां बोइंग और एयरबस संचालित हो सके क्योंकि देश में नागरिक उड़यन क्षेत्र में जो विमान उड़ रहे हैं उनमें से 90% बोइंग और एयरबस है। बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे विस्तार 1500 मीटर से 2800 मीटर जिसके लिए भूमि उपलब्ध है और स्थाई एटीसी टावर और एक नए टर्मिनल भवन के लिए लगभग 300 करोड रुपए की आवश्यकता है। राज्य सरकार का एक साल का बजट 176000 करोड रुपए है परंतु बिलासपुर के लिए आवश्यक आवंटन नहीं हो रहा।
कोयले की रॉयल्टी विभिन्न ऊर्जा संस्थान रेलवे के सर्वाधिक लदान के कारण हो रही आय से केंद्र सरकार को भी छत्तीसगढ़ राज्य और विशेष रूप से बिलासपुर संभाग से बहुत लाभ हो रहा है। इसके बावजूद केंद्र सरकार का नागरिक उद्द्यान्न मंत्रालय भी इस एयरपोर्ट के विकास के लिए कोई विशेष अनुदान स्वीकृत नहीं कर रहा है और उड़ान योजना के तहत मामूली सहायता ही उपलब्ध कराता है।
इन सब परिस्थितियों में आपसे अनुरोध है कि आप इस प्रकरण में हस्तक्षेप करते हुए या तो केंद्र सरकार से 300 करोड रुपए का विशेष अनुदान बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए दिलाई या छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को निर्देश दें कि वे एक समय बाद सीमा में 2 साल के भीतर बिलासपुर एयरपोर्ट को 4 सी श्रेणी में अपग्रेड करने के कार्रवाई करें।


