
वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ के प्रमुख कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला हुआ था, 29 लोग मारे गए थे
जगदलपुर।
झीरम घाटी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, महेंद्र कर्मा समेत 29 लोगों की हत्या के मामले में जगदलपुर एनआईए कोर्ट ने 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। इसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। करीब 13 साल चली सुनवाई में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज दर्ज किए गए। एनआईए के विशेष न्यायाधीश जगदलपुर ने सभी पक्षों को सुनने व सबूत का परीक्षण करने के बाद बुधवार को सजा की घोषणा की।

घटना में इनकी मौत हुई
जान गंवाने वाले कांग्रेस नेताओं के नाम
नंदकुमार पटेल (तत्कालीन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष) महेंद्र कर्मा (पूर्व नेता प्रतिपक्ष), विद्याचरण शुक्ल (पूर्व केंद्रीय मंत्री), दिनेश पटेल, उदय मुदलियार, भागीरथी पालिया, राजकुमार, गोपीचंद माधवानी, अल्लानूर, योगेंद्र शर्मा, राजेश चंद्राकर, मनोज जोशी, अभिषेक गोलचा, गनपथ नाग, सदा सिह, चंद्रहास ध्रुव, दीपक उपाध्याय, तरुण देशमुख, प्रहलाद, चंदर राम मांझी, पैतृक खलखो, पवन कोंद्रा, सियाराम सिह, पुलिसकर्मी- प्रधान आरक्षक प्रफुल्ल शुक्ला, अशोक कुमार, राहुल प्रताप सिह और इमैनुअल केरकेट्टा।
इन आरोपियों को मिली मौत की सजा
विशेष कोर्ट ने प्रमिला मोदियाम, चैतू लेकाम, सुमित्रा पुनेम मोदियाम, मुक्का मंडावी, कोसा कवासी, आयता मरकाम, मडकामी देवा, जोगा मडकामी, बंजामी सन्ना और महादेव नाग को फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में कुल 11 आरोपी पकड़े गए थे, जिनमें से एक की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी।
हाई कोर्ट की पुष्टि के लिए 30 दिन में अपील जरुरी
विशेष न्यायाधीश के मृत्यु दंड की सजा को अमल में लाने शासन को 30 दिन के अंदर हाई कोर्ट में अपील पेश करना होगा वही आरोपी भी सजा के खिलाफ अपील पेश करेंगे। हाई कोर्ट से पुष्टि होने पर आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अवसर दिया जाएगा।
साल 2013 में हुए इस नक्सली हमले में 29 बेगुनाह मारे गए थे। NIA की विशेष अदालत ने 5 सितंबर को इस मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था और सजा पर अपना फैसला सुरक्षित रख ल
छत्तीसगढ़ के इतिहास में हुए वीभत्स नक्सली हमलों में से प्रमुख झीरम घाटी मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी जिसके बाद 10 आरोपियों को दोषी करार दिया गया जिन्हें अब फांसी की सजा सुना दी गई है। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे।
इन 10 दोषियों को मिली फांसी की सजा
अदालत ने जिन 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है उनमें प्रमिला मोडियम, चैतू लेकाम उर्फ मुन्ना, सुमिता उर्फ पुनेम मोडियम, मुक्का मांडवी, कोसा कवासी उर्फ कोसाराम, आयता मरकाम, मडकामी देवा, जोगा मडकामी, बनजामी सन्ना उर्फ चमरू और महादेव नाग शामिल है। 11वें आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी, जबकि चार्जशीट में आरोपी के तौर पर नामजद 28 अन्य लोगों को वॉन्टेड बताया गया है
NIA कोर्ट ने जब 10 आरोपियों को दोषी करार दे दिया था तो आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी। अब दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद माना जा रहा है कि यह मामला हाईकोर्ट जाएगा। NIA जज अजय सिंह राजपूत ने आरोपियों को इंडियन पीनल कोड (IPC) और अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट की कई धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। मौत की सजा IPC की क्रिमिनल साजिश (120B) और हत्या (धारा 302) के लिए दी गई है।
सुकमा जिले में बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाली झीरम घाटी में हुए इस अटैक को राज्य के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है। यह हमला 25 मई 2013 को हुआ था। नक्सलियों ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं के काफिले को निशाना बनाया था। इसी तारीख को कांग्रेस पार्टी ने सुकमा में परिवर्तन रैली निकाली थी। इस रैली में पूरी लीडरशीप शामिल हुई थी। परिवर्तन रैली के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। तभी नक्सलियों ने काफिले पर हमला किया था। इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई थी।
घात लगाकर नक्सलियों ने किया था हमला
कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर लौट रहा था। इस काफिले में कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। तभी झीरम घाटी में नक्सलियों ने सड़क पर पेड़ गिराकर काफिले का रास्ता रोक दिया। काफिला रुकते ही नक्सलियों ने हमला कर दिया। इस हमले में जो 29 लोग मारे गए थे उसमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और कांग्रेस नेता उदय मुदलियार का नाम शामिल था। मरने वालों में 10 पुलिसकर्मी भी थे।


