सेमरताल में कूर्मि परिवार दर्शन का ऐतिहासिक समारोह  का भव्य और स्मरणीय आयोजन हुआ  

 सेमरताल में एक परिवार से प्रारंभ हुआ बेल कैसे दस परिवारों में विस्तार प्राप्त किया उसका जीवंत दर्शन समारोह में दिखाई दिया

बिलासपुर।ग्राम सेमरताल में कूर्मि परिवार दर्शन समारोह का भव्य आयोजन चंदैनीगोंदा मैंदान में 21 अक्टूबर को किया गया। समारोह की शुरुआत मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। समारोह स्थल पर महर्षि विश्वामित्र कौशिक एवं कूर्मि परिवार के पूर्वजों की पूजा उपस्थित अभ्यागतों और आयोजकों ने की। प्रारंभ में अनिल वर्मा द्वारा रचित “ग्राम गीत “सेमरताल के पावन भुंईया” का गायन मनीष कौशिक व उनके साथियों ने किया। दो सत्रों में हुए समारोह में प्रथम सत्र के मुख्य अभ्यागत स्वामी सिद्धेश्वर पाटनवार पूर्व प्रदेशाध्यक्ष चेतना मंच थे, अध्यक्षता रामकुमार वर्मा चिंतक व सेवानिवृत शिक्षक ने की।विशिष्ट अभ्यागत के रुप में समाज प्रमुख केजाराम कौशिक, थानूराम कौशिक, विमला गहवई, रामावतार गहवई, रामकुमार कौशिक, नंदनी पाटनवार, डॉ. हेमंत कौशिक, बी. आर. कौशिक, शंकर लाल पाटनवार, त्रियुगीनारायण कौशिक, जितेन्द्र गहवई, राघवेन्द्र गहवई, डॉ. गणेश कौशिक मौजूद रहे। 

सभी अभ्यागतों का स्वागत आयोजक मंडल द्वारा तिलक, माला, बैज एवं कूर्मि परिवार दर्शन वस्त्र भेंटकर किया गया। स्वागत गान नंदिनी कौशिक ने किया। समारोह के पहले सत्र का स्वागत भाषण इंजी. लक्ष्मी कुमार गहवई ने दिया। उन्होंने कूर्मि परिवार दर्शन के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी। इस पारिवारिक समारोह में 250 वर्षों के इतिहास को जोडा गया है। सेमरताल में एक परिवार से प्रारंभ हुआ बेल कैसे दस परिवारों में विस्तार प्राप्त किया उसका जीवंत दर्शन समारोह में दिखाई दिया। कुल दस परिवार जिसमें माधव प्रसाद, आयोध्या प्रसाद, महाबली, जमुना, सहसराम, कचरा बाई, परसराम, उदासा, आत्माराम, समेलाल एवं माखनलाल गहवई परिवार के बैनर तले समस्त परिवारजन एकत्र हुए।

प्रमुख अभ्यागत स्वामी सिद्धेश्वर पाटनवार ने समारोह के औचित्य पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार दर्शन समारोह की कल्पना ही रोचक है, यह आज साकार हुआ है। धन्य है वे सभी आयोजक जिनकी अथक परिश्रम से पूरा परिवार एक परिसर में पधारे हैं। कूर्मि पुराण पुस्तक आने वाली पीढियों के लिए पावन ग्रंथ होगा। यह किताब प्रत्येक समाज के लिए प्रेरक और आदर्श है। कूर्मि समाज का गौरवशाली इतिहास है। इस समाज को पूरी एकता के साथ आगे बढना होगा। समारोह की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त शिक्षक रामकुमार वर्मा ने कहा कि कूर्मि समाज को शिक्षा, व्यवसाय, राजनीति, मीडिया, प्रेस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सार्थक रुप से है। उन्होंने आगे परिवार दर्शन के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि विगत दो सालों की मेंहनत आज सफल हुई है। डॉ.गणेश कौशिक ने परिवार दर्शन को कूर्मि परिवार के लिए अनुपम व अनुकरणीय कहा। 

भोजनोपरांत द्वितीय सत्र की शुरुआत छत्तीसगढ़ के राजगीत गायन के साथ हुआ। इस सत्र के मुख्य अभ्यागत जांजगीर चांपा के माननीय विधायक व्यासनारायण कश्यप थे। समारोह की अध्यक्षता बैजनाथ चंद्राकर पूर्व विधायक लोरमी ने की। विशिष्टअभ्यागत प्रदीप कौशिक प्रदेशाध्यक्ष छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच, नारायण गवेल एस. डी. एम. तखतपुर, आर. के. सिंह संरक्षक आखिल भारतीय कूर्मि महासभा, डॉ. जीतेन्द्र सिंगरौल संचालक सामाजिक अंकेक्षण, विश्वनाथ कश्यप उपाध्यक्ष चेतना मंच, संतोष कौशिक जिला उपाध्यक्ष भाजपा बिलासपुर, रंजना वर्मा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ चेतना मंच, विरेन्द्र गहई ब्यूरो चीफ न्यूज 24 मौजूद रहे। द्वितीय सत्र में यदुनंन कौशिक ने स्वागत भाषण दिया।

समारोह में कूर्मि पुराण “कूर्मि परिवार दर्शन सेमरताल” का विमोचन किया गया, जिसमें 1798 से 2026 तक कूर्मि परिवार का ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, पारिवारिक तथ्यपरक जानकारी संग्रहित है। इस पुस्तक के प्रधान संपादक इंजी. लक्ष्मी कुमार गहवई, संपादक अनिल वर्मा, यदुंदन कौशिक, रवीन्द्र नाथ गहवई, यज्ञेश कौशिक है।

दस प्रमुख परिवारों आपस में परिचय व दर्शन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अभ्यागत व्यास नारायण कश्यप ने कहा कि परिवार दर्शन समारोह कई मायने में ऐतिहासिक है, यह आयोजन पूर्वजों के प्रति सही श्रद्धांजलि है।

 

जब तक हम जडों को नहीं जानेंगे समाज का विकास संभव ही नहीं है। समारोह के प्रमुख इंजीनियर लक्ष्मी कुमार गहवई थे। संयोजक यदुनंदन कौशिक एवं अनिल कुमार वर्मा थे। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। जिसमें गायत्री कौशिक, आशा कश्यप, स्वाति वर्मा व उनके साथियों ने सुवा नृत्य प्रस्तुत किया। खुशी गहवई व समृद्धी कौशिक ने ” जब जिद पे आए पार्वती” गीत पर मोहक नृत्य किया। हाईकोर्ट के वकील श्रीकांत कौशिक ने प्रेरक गीत से स्रोताओं का दिल जीत लिया। दुर्गेश नंदिनी पाटनवार, रिया, श्रेया कश्यप ने भाव नृत्य प्रस्तुत किया। इस आयोजन में कूर्मि परिवार के 525 स्वजातियों की उपस्थिति रही। समारोह का सफल संचालन अनिल कुमार वर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन मनीष कौशिक ने किया। समारोह में श्याममूरत कौशिक, राजेन्द्र वर्मा, पुनाराम कश्यप, इंजी. राजीवनयन शर्मा, इंजी. श्रीपाल सिंह क्षत्री, इंजी.आर. के. मानसर, इंजी. गोविन्द राम देवांगन, संतराम धीवर, इंजी. सुभाष भामरी, इंजी. मोहन गुलाबानी, इंजी. कमल देवांगन, लक्ष्मीकांत पान्डेय, दिलहरण सिंह, सतीश धीवर, मीना पाटनवार, रितु कुंभज, नवोदिता पाटनवार, ज्योति सिंगरौल, रंजना कौशिक, देवनारायण कश्यप, कोमल पाटनवार, आदित्य पाटनवार, सुमन कौशिक, प्रमुख सहयोगी ओमप्रकाश वर्मा, रघुंदन गहवई, सुनील कौशिक, दीपचंद गहवई, मेलाराम कौशिक, अजय चंद्रवंशी, विकास कौशिक, राकेश कौशिक, विरेन्द्र गहवई, जितेन्द्र पाटनवार, ईश्वर गहवई, अनिमेश गहवई, डा. आशिष गहवई, दाऊराम गहवई, डा. अतिन गहवई, अनिरुद्ध वर्मा, राधावल्लभ गहवई, विष्णु गहवई, प्रमोद कौशिक, संजय चंदेल, सुखदेव कश्यप, शिवम कौशिक, आदित्यनारायण वर्मा, जय कौशिक, सुरेश कौशिक, अभिनव वर्मा, शुभम कौशिक, संजय वर्मा एवं कूर्मि परिवार के सभी नाते रिश्तेदार समधी सजन, बेटी दामाद मौजूद रहे।

निर्मल माणिक/ प्रधान संपादक मोबाइल:- / अशरफी लाल सोनी 9827167176

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